
रायपुर: CG Chawal Utsav: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सरकार गरीबों की थाली तक राशन पहुंचाने के बड़े मिशन पर काम कर रही है। इस बार नाम है – ‘CG चावल उत्सव’, जो 1 जून से 7 जून तक पूरे प्रदेश में आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत सरकार एक साथ जून, जुलाई और अगस्त महीने का चावल बांटेगी, ताकि लोगों को समय पर और पर्याप्त राशन मिल सके। चावल वितरण अभियान को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अहम मांग की है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने भारत सरकार को एक औपचारिक पत्र भेजकर भंडारण और वितरण की तय समय-सीमा को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। यह पत्र खाद्य सचिव रीना कंगाले की ओर से भेजा गया है।
राज्य सरकार चाहती है कि केंद्र जून-अगस्त 2025 की खाद्यान्न वितरण योजना के तहत चावल के भंडारण की समय-सीमा 23 जून से बढ़ाकर कुछ और दिन करे, और वितरण की आखिरी तारीख 20 जुलाई 2025 तक बढ़ाई जाए। वजह? तकनीकी झंझट से लेकर असमय बारिश तक, कई अड़चनें हैं जिनसे समय पर राशन देना मुश्किल हो रहा है।
क्यों पड़ी जरूरत?
इस पूरे मामले के पीछे कई ठोस कारण हैं, जिनमें से कुछ इस तरह हैं:
- बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण की मुश्किल:
राज्य में करीब 3.41 करोड़ बायोमैट्रिक ट्रांजेक्शन करने हैं, जो एक लंबी प्रक्रिया है। इससे वितरण की रफ्तार धीमी हो रही है। - ई-पॉस मशीनों का अपग्रेडेशन:
प्रदेश में करीब 7000 ई-पॉस मशीनें हैं, जिन्हें अपग्रेड किया जा रहा है। ये काम भी वितरण प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। - असामयिक बारिश ने डाला असर:
मई महीने में हुई अनियोजित बारिश ने चावल के अग्रिम भंडारण को काफी प्रभावित किया है। - भंडारण और तौल में समय की खपत:
तीन महीने का चावल एक साथ रखना और तौल करना आसान नहीं है। उचित मूल्य दुकानों में इस काम में ज्यादा वक्त लग रहा है।
कितने लोगों को मिलना है फायदा?
छत्तीसगढ़ में इस समय करीब 81 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारी परिवार हैं। इनमें से 56.78 लाख परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आते हैं, जबकि 24.44 लाख परिवार राज्य की योजना से जुड़े हैं। सरकार इन सभी को एक साथ चावल पहुंचाने की तैयारी में लगी है।
देखें पत्र:

अब तक का वितरण
अगर अब तक के आंकड़ों पर नज़र डालें तो बीते 22 दिनों में 50 लाख से ज्यादा हितग्राहियों को राशन मिल चुका है। लेकिन लक्ष्य बड़ा है और वक्त कम, इसलिए सरकार चाहती है कि केंद्र थोड़ी राहत दे।
क्या होगा आगे?
राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर जल्द फैसला लेगी। क्योंकि अगर समय-सीमा नहीं बढ़ाई गई तो लाखों लोगों तक राशन पहुंचाने में दिक्कत आ सकती है। अब देखना होगा कि दिल्ली से कब और क्या जवाब आता है।



