
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। उनके खिलाफ कर्नाटक के बेंगलुरु में एक और नई एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। इंद्रानगर स्थित डिफेंस कॉलोनी के निवासी रामकृष्ण पी ने यह शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें बघेल पर जाति और देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मुख्य आरोप है। बेंगलुरु पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली है। इस नई शिकायत के साथ ही, अब बघेल के खिलाफ देशभर में दर्ज मामलों की कुल संख्या 12 हो गई है।
धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को आहत करने का आरोप
बेंगलुरु में शिकायतकर्ता रामकृष्ण पी का कहना है कि अमित बघेल ने अपने बयान से उनके समाज का अपमान किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बघेल ने उनके ईष्ट देवता के लिए भी अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे समाज की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ऐसे भड़काऊ बयानों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। बघेल के खिलाफ रायपुर, दुर्ग, धमतरी, इंदौर, ग्वालियर, नोएडा, महाराष्ट्र और प्रयागराज जैसे कई राज्यों और शहरों में पहले से ही एफआईआर दर्ज हैं।
रायपुर पुलिस ने घोषित किया भगोड़ा, गिरफ्तारी पर 5000 का इनाम
एक तरफ जहां देश भर में बघेल के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस रहा है, वहीं रायपुर पुलिस पहले से ही उनकी तलाश में जुटी हुई है। रायपुर पुलिस ने अमित बघेल को भगोड़ा घोषित करते हुए उनकी गिरफ्तारी के लिए 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस का दावा है कि बघेल गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अलग-अलग जगहों पर छिप रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला: छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर में हुई थी, जब एक युवक ने कथित तौर पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने मौके पर हंगामा किया और पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई थी। पुलिस ने अगले दिन आरोपी मनोज सतनामी को गिरफ्तार किया। इस घटना के ठीक अगले दिन, 27 अक्टूबर को अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, भगवान झूलेलाल और अन्य महापुरुषों को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे विवाद देशव्यापी हो गया।
अग्रवाल और सिंधी समाज का देशव्यापी विरोध
अमित बघेल के विवादित बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज में भारी नाराजगी फैल गई। दोनों समाजों ने बघेल के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और प्रदेश के कई जिलों (रायपुर, दुर्ग, धमतरी, रायगढ़, सरगुजा) सहित देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए। सिंधी समाज ने भगवान झूलेलाल के अपमान पर रैली निकालकर बघेल का पुतला भी फूंका और कई थानों में उनके खिलाफ कानूनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिसके फलस्वरूप देशभर में एफआईआर का सिलसिला शुरू हुआ।
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