
Raipur News: यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी ने अब डीजीपी अरुण देव गौतम को पत्र लिखकर अपनी सफाई दी है। डांगी ने 14 बिंदुओं में पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए सब-इंस्पेक्टर की पत्नी और अन्य अज्ञात लोगों पर ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना और आपराधिक धमकी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
DGP को भेजा 14 बिंदुओं का पत्र
सूत्रों के अनुसार, रतनलाल डांगी ने डीजीपी को भेजे अपने पत्र में लिखा है कि आरोप लगाने वाली महिला उनके कार्यालय में जहर की शीशी लेकर पहुंची थी और परिवार की कसम दिलाकर उन पर अजीबो-गरीब शर्तें थोप दी थीं।
उन्होंने दावा किया कि महिला ने कहा था कि वे अपनी पत्नी से बात नहीं करेंगे, उसके साथ कहीं नहीं जाएंगे और रात में बालकनी में सोते हुए लगातार वीडियो कॉल पर रहेंगे।
डांगी के अनुसार, महिला ने उन्हें मजबूर किया कि वे बाथरूम, वॉशरूम और एक्सरसाइज के दौरान भी वीडियो कॉल चालू रखें। इस दौरान उसके पास उनके निजी पलों के स्क्रीनशॉट आ गए, जिनसे वह उन्हें ब्लैकमेल करने लगी।
ब्लैकमेलिंग और आत्महत्या की धमकी का आरोप
आईपीएस डांगी ने अपने पत्र में लिखा कि महिला ने आत्महत्या करने की धमकी देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। वह अक्सर ब्लेड से हाथ काटने या फंदा लगाने की बात कहती थी ताकि वह डरकर उससे संबंध न तोड़ सकें।
डांगी ने दावा किया कि महिला ने कई बार कहा कि उसने उनसे जुड़े लोगों से पैसे लेकर घर, गाड़ी और जेवर खरीदे हैं, और यदि उन्होंने उसका विरोध किया तो वह सारे आरोप उन्हीं पर मढ़ देगी।
परिवार पर पड़ा असर
डांगी ने लिखा कि महिला की धमकियों के कारण वे अपने ही घर में परिवार से दूरी बनाकर रहने लगे थे। उन्होंने कहा कि अपनी मां के इलाज और बहन की मृत्यु जैसे कठिन समय में भी महिला ने उन्हें पत्नी को साथ ले जाने से रोका।
उन्होंने बताया कि लगातार तनाव के कारण उनकी पत्नी की तबीयत खराब हो गई। महिला ने घर आकर उनके कर्मचारियों को अश्लील तस्वीरें दिखाईं और अपमानजनक बातें फैलाने की कोशिश की।
कानूनी कार्रवाई की मांग
आईपीएस रतनलाल डांगी ने डीजीपी से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर आरोपी महिला और अन्य सहयोगियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी और मानहानि जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि उनके पास पुराने डिजिटल सबूत नहीं हैं क्योंकि महिला उन्हें डिलीट करने के लिए मजबूर करती थी, लेकिन आरोपी के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच से साक्ष्य मिल सकते हैं।
सब-इंस्पेक्टर की पत्नी के आरोपों की जांच जारी
उधर, सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने आरोप लगाया है कि रतनलाल डांगी पिछले सात सालों से उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। इस शिकायत को लेकर पुलिस मुख्यालय स्तर पर प्रारंभिक जांच शुरू हो चुकी है। हालांकि, अभी तक इस मामले पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस पूरे विवाद ने छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। एक ओर जहां सब-इंस्पेक्टर की पत्नी यौन उत्पीड़न का आरोप लगा रही हैं, वहीं आईपीएस अधिकारी खुद को ब्लैकमेलिंग का शिकार बता रहे हैं। अब देखना होगा कि जांच में किसकी बात सच साबित होती है।



