
CG Assembly Special Session: छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में नवनिर्मित विधानसभा भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर को राज्योत्सव के दौरान कर दिया है। राज्य गठन के बाद से विधानसभा की कार्यवाही केंद्रीय जल संसाधन विभाग के भवन में चल रही थी। अब अगला शीतकालीन सत्र नए भवन में आयोजित किया जाएगा। इसके चलते पुराने विधानसभा भवन को औपचारिक विदाई देने और नियमों का पालन करने के लिए एक विशेष सत्र बुलाया गया है।
18 नवंबर को बुलाया गया ‘विदाई सत्र’ का विशेष सत्र
विधानसभा को नए भवन में शिफ्ट करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 18 नवंबर को एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। इसे ‘विदाई सत्र’ का नाम दिया गया है, हालांकि नियमों की दृष्टि से इस सत्र को बुलाना अपिरहार्य था। चूँकि यह एक नियमित सत्र नहीं है, इसलिए इसमें प्रश्नकाल शामिल नहीं होगा।
नए भवन में शिफ्टिंग का प्रस्ताव सत्र का मुख्य बिंदु
विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू होने के बाद स्पीकर, सदन के नेता, नेता प्रतिपक्ष समेत सभी मंत्री और विधायक अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण क्षण आएगा, जब विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विधानसभा को नए भवन में शिफ्ट करने का प्रस्ताव पेश करेंगे। इस प्रस्ताव पर सदन की सहमति ली जाएगी और विधायक हाथ उठाकर इसे पारित करेंगे। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष अगला शीतकालीन सत्र नए भवन में होने का ऐलान करेंगे।
25 साल में 75 सत्रों का साक्षी बना पुराना भवन
छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से विधानसभा के लिए केंद्रीय जल संसाधन विभाग के भवन का उपयोग किया जा रहा था। इस बिल्डिंग की बनावट विधानसभा के लिए उपयुक्त थी, जिसके कारण सरकार को ज्यादा कुछ बदलाव नहीं करना पड़ा। पिछले 25 वर्षों में इस भवन में बजट, मानसून और शीतकालीन सत्रों को मिलाकर कुल 75 नियमित सत्र आयोजित किए गए, साथ ही तीन विशेष सत्र भी बुलाए गए।
इतिहास बनने के बाद क्या होगा पुराने भवन का उपयोग?
18 नवंबर की शाम के बाद पुराना विधानसभा भवन अब इतिहास बनकर रह जाएगा। यह इमारत अब ‘पुराना विधानसभा भवन’ के नाम से जानी जाएगी। हालाँकि, इस भवन का आगे किस रूप में उपयोग किया जाएगा, इसे लेकर अभी तक राज्य शासन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
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