
CG Assembly Three Important Bills: छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र की कार्यवाही में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित किया गया है, जो सीधे तौर पर राज्य के शिक्षा, भू-राजस्व और आवास नीति क्षेत्रों में बड़े सुधार और फायदे लेकर आएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना विधेयक” पेश किया, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना है।
निजी विश्वविद्यालयों को मिलेगी उड़ान
CG Private University Establishment Bill: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा में “छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना विधेयक” पेश किया। इसका उद्देश्य राज्य में उच्च शिक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना है। इसके लागू होने से नए विश्वविद्यालय खुलेंगे, जिससे छात्रों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना आसान होगा। इससे छात्रों को बेहतर शिक्षा के विकल्प मिलेंगे, नई तकनीक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
भू-राजस्व प्रक्रिया होगी सरल—राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा
CG Land Revenue Code: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने “छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक” प्रस्तुत किया। यह विधेयक जमीन के सभी प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कदम है। अब भूमि से जुड़े कामों में जनता को कम झंझट झेलनी पड़ेगी। इससे जमीन का रजिस्ट्रेशन, पट्टा बनवाना और विवादों का समाधान तेजी से होगा। आम जनता को जमीन संबंधित मामलों में सरकारी प्रक्रियाओं में सुविधा और समय की बचत होगी।
शहरी भूमिहीनों को मिलेगा पट्टाधिकार
CG Leasehold Rights: सरकार ने “नगरीय आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार (संशोधन) विधेयक” पारित किया है। इसके तहत शहरी क्षेत्र में भूमिहीन और बिना घर वाले परिवारों को कानूनी रूप से जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। यह घर और सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और प्रभावशाली कदम है। शहरी क्षेत्रों में भूमिहीन और बेघर लोगों को कानूनी जमीन देने वाले इस संशोधन से वे अपने लिए स्थायी आवास पा सकेंगे। इससे उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी, और वे बेहतर जीवन स्तर की ओर बढ़ सकेंगे। यह कदम शहरों में आवास की समस्या को कम करने में मददगार साबित होगा।
तीनों विधेयकों का महत्व
तीनों विधेयकों को सदन में सर्वसम्मति से पारित किया गया। सरकार ने इसे न केवल बड़े प्रशासनिक सुधार, बल्कि आम जनता के वास्तविक हितों को लेकर ऐतिहासिक निर्णय बताया।
हाउसिंग बोर्ड में बड़ा बदलाव: केवल 60% प्री‑बुकिंग वाले प्रोजेक्ट ही शुरू होंगे
CG Housing Policy: आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओमप्रकाश चौधरी ने विधानसभा में घोषणा की कि अब हाउसिंग बोर्ड केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स की शुरुआत करेगा जिनमें कम से कम 60% प्री‑बुकिंग हो चुकी होगी। यह निर्णय राज्य की सरकारी योजनाओं की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करेगा। इससे आम लोगों को भरोसेमंद और समय पर आवास मिलेगा।
OTS‑2 योजना से करोड़ों का राजस्व
CG Minister OP Choudhary: मंत्री चौधरी ने कहा कि 80,000 घरों में से 78,000 पहले ही बिक चुके हैं। बचे घरों की बिक्री के लिए OTS‑2 नीति लाई गई। बोले- 20–30% छूट देकर पुराने खाली मकान बेचने पर अब तक 920 संपत्तियों से 139.47 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। इससे न केवल सरकार को राजस्व मिला है बल्कि आम लोगों को भी सस्ते दामों में मकान खरीदने का अवसर मिला है। इससे आवासीय संपत्तियों का सही उपयोग होगा और लोगों की आवासीय जरूरतें पूरी होंगी।
छूट स्कीम का ढांचा
- 5–10 साल पुरानी खाली संपत्तियों पर 20–30% छूट
- 10 साल से अधिक पुरानी संपत्तियों पर 30% छूट
- पहली बार OTS‑2 योजना में शामिल 5 साल से अधिक पुरानी संपत्तियों पर 10% छूट
मंत्री ने बताया कि इस स्कीम से जनसामान्य को उचित जमीन मिलेगी, और सरकारी संपत्ति बर्बाद होने से बच पाएगी।



