
रायपुर। छत्तीसगढ़ में निर्वाचन आयोग आज विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने जा रहा है। इस सूची में उन लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं जो अपने पते पर नहीं मिले (Absent), स्थाई रूप से दूसरी जगह चले गए (Shifted) या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ceochhattisgarh.nic.in पर यह लिस्ट उपलब्ध होगी। मतदाता अपने EPIC नंबर या विधानसभा और बूथ संख्या के जरिए अपना नाम ऑनलाइन सर्च कर सकते हैं।
डिजिटल सुविधा: घर बैठे ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपना नाम
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। आप आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ceochhattisgarh.nic.in पर जाकर दो तरीकों से अपना विवरण देख सकते हैं। पहले विकल्प में आप अपने वोटर आईडी नंबर (एपिक कार्ड) के जरिए सीधा सर्च कर सकते हैं। दूसरे विकल्प में जिला, विधानसभा क्षेत्र और बूथ नंबर चुनकर अपने क्षेत्र की पूरी सूची डाउनलोड कर सकते हैं। लिस्ट में नाम न मिलने पर तुरंत अपने बीएलओ से संपर्क करना चाहिए ताकि समय रहते सुधार करवाया जा सके।

AASD श्रेणी: अनुपस्थित, शिफ्टेड और मृत वोटर्स पर विशेष ध्यान
इस बार की सूची में एब्सेंट, शिफ्टेड और डेड (एएसडी) श्रेणी पर विशेष फोकस किया गया है। सर्वे के दौरान जो लोग अपने पते पर नहीं मिले या जो स्थाई तौर पर शिफ्ट हो गए हैं, उन्हें नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे जाएंगे। यदि कोई मतदाता वैध है लेकिन सर्वे के समय मौजूद नहीं था, तो वह एसडीएम कार्यालय या बीएलओ के पास अपनी पहचान के दस्तावेज पेश कर नाम दोबारा जुड़वा सकता है। ऐसा न करने पर फाइनल लिस्ट से उनका नाम काट दिया जाएगा, जिसके बाद उनका पुराना वोटर आईडी कार्ड अमान्य हो जाएगा।
पंजीकरण प्रक्रिया: नए वोटर कैसे जुड़वाएं नाम और कौन से दस्तावेज हैं जरूरी
जो युवा 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके अलावा 2026 की अन्य छमाही में 18 साल पूरे करने वाले युवा भी एडवांस में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या निवास प्रमाण पत्र जैसे 11 मान्य दस्तावेजों में से कोई भी एक लगाया जा सकता है। नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल के अलावा बीएलओ के पास ऑफलाइन आवेदन का विकल्प भी हमेशा खुला रहता है।
महत्वपूर्ण क्यों है: भविष्य की परेशानियों से बचने के लिए नाम होना जरूरी
विशेष गहन पुनरीक्षण में नाम दर्ज होना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि यह आपकी उस क्षेत्र में निरंतर मौजूदगी का प्रमाण होता है। यदि आपका नाम इस सूची में बरकरार रहता है, तो भविष्य में होने वाले छोटे संशोधनों के समय आपको बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसका लाभ अगली पीढ़ी को भी मिलता है, क्योंकि बच्चों का नाम जुड़वाते समय माता-पिता का वोटर आईडी एक प्रमुख प्रमाण के रूप में काम आता है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाना है।

जरूरी तारीखें: याद रखें यह समय सीमा और शेड्यूल
मतदाता सूची के इस महत्वपूर्ण अभियान में समय का विशेष महत्व है। घर-घर जाकर सर्वे का काम 22 दिसंबर को पूरा हो चुका है और आज 23 दिसंबर को ड्राफ्ट का प्रकाशन हो रहा है। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 14 फरवरी 2026 तय की गई है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि बिना सुनवाई के किसी भी व्यक्ति का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपनी जानकारी अपडेट करवा लें ताकि आगामी चुनावों में वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
दावे और आपत्तियों के लिए याद रखें ये तारीखें
अगर ड्राफ्ट लिस्ट में आपका नाम गायब है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियों के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा तय की है। नीचे दी गई तालिका में महत्वपूर्ण तिथियों का विवरण है:
| विशेष गतिविधि | निर्धारित तिथि / अवधि |
| हाउस टू हाउस सर्वे (संपन्न) | 7 नवंबर से 22 दिसंबर 2025 |
| ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन | 23 दिसंबर 2025 (आज) |
| दावा और आपत्ति दर्ज करने की अवधि | 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 |
| अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन | 21 फरवरी 2026 |
लिस्ट में अपना नाम खोजने के आसान स्टेप्स
आप घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं। इसके लिए आपको निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां दो मुख्य विकल्प मिलेंगे:
- EPIC संख्या द्वारा: अपने वोटर आईडी कार्ड का नंबर और कैप्चा भरकर सर्च करें।
- क्षेत्रवार सूची: अपना जिला, विधानसभा सीट और बूथ संख्या (भाग संख्या) चुनकर पूरी पीडीएफ डाउनलोड करें।
- ऑफलाइन माध्यम: आप अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO) या वार्ड ऑफिस जाकर भी प्रिंटेड लिस्ट में अपना नाम देख सकते हैं।
नाम जुड़वाने के लिए इन 11 दस्तावेजों की होगी जरूरत
यदि आपका नाम कट गया है या आप नए मतदाता हैं, तो फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने निम्नलिखित दस्तावेजों को मान्य किया है:
- आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र
- भारतीय पासपोर्ट या 10वीं की मार्कशीट
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र या जाति प्रमाण पत्र
- जमीन/मकान का आवंटन पत्र या वन अधिकार पत्र
- पेंशनर आईडी या परिवार रजिस्टर में नाम की कॉपी
- किसी भी सरकारी विभाग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र

क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण और इसका महत्व?
SIR यानी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसमें वोटर लिस्ट को पूरी तरह शुद्ध किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र वोटर छूट न जाए और कोई फर्जी या अयोग्य नाम लिस्ट में न रहे। इस प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करते हैं। SIR में नाम होना आपकी उस क्षेत्र में निरंतर मौजूदगी का प्रमाण है, जो भविष्य में आपके बच्चों के लिए भी वोटर आईडी बनवाने की प्रक्रिया को आसान बनाता है।
आपके मन में उठ रहे सवालों के जवाब
मतदाता सूची से जुड़े प्रमुख सवालों के उत्तर यहां दिए गए हैं:
- सवाल: अगर नाम ASD (Absent/Shifted/Dead) लिस्ट में है तो क्या करें?
- जवाब: तुरंत अपने बीएलओ या एसडीएम (SDM) दफ्तर जाकर अपनी पहचान के दस्तावेज जमा करें और आपत्ति दर्ज कराएं।
- सवाल: क्या 18 साल से कम उम्र वाले भी आवेदन कर सकते हैं?
- जवाब: हाँ, जो युवा 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष के हो रहे हैं, वे एडवांस में फॉर्म-6 भर सकते हैं।
- सवाल: आपत्ति दर्ज नहीं की तो क्या होगा?
- जवाब: अगर आपने तय समय में दस्तावेज नहीं दिए, तो फाइनल लिस्ट से आपका नाम हमेशा के लिए हटा दिया जाएगा और आपका वोटर कार्ड अमान्य हो जाएगा।
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