Rajnandgaon Illegal Sand Mining: प्रशासन की अनूठी पहल: माफिया ने चोरी-छिपे डंप की थी 54 ट्रैक्टर रेत, अफसरों ने दोबारा नदी में फिंकवाई रेत

Rajnandgaon Illegal Sand Mining: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में खनिज माफिया के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बेहद अनोखी और ऐतिहासिक कार्रवाई की है। कलेक्टर जितेंद्र यादव के कड़े निर्देश पर जिले भर में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में प्रशासनिक अमले ने एक नई मिसाल पेश करते हुए अवैध रूप से खोदकर जमा की गई 54 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत को जब्त कर वापस शिवनाथ नदी की मुख्य धारा में डलवा दिया है। इस कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग की टीम के साथ स्थानीय ग्राम पंचायत भंवरमरा के सरपंच, वार्ड क्रमांक 51 हरदी के पार्षद और गांव के कई गणमान्य नागरिक मौके पर मौजूद रहे।

ऑक्सीजोन क्षेत्र में माफिया ने जमा किया था स्टॉक, गुप्त सूचना पर प्रशासन ने मारा छापा

यह पूरा मामला राजनांदगांव शहर से सटे शिवनाथ नदी के तट पर स्थित ऑक्सीजोन (पर्यावरणीय पार्क) क्षेत्र का है। भंवरमरा के रहने वाले अविनाश सोनी नाम के एक स्थानीय रसूखदार व्यक्ति द्वारा नदी के भीतर से मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। माफिया ने भविष्य में ऊंचे दामों पर बेचने की नीयत से ऑक्सीजोन के पास ही नदी किनारे लगभग 54 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण कर रखा था। मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कुछ दिन पहले इस ठिकाने पर औचक छापेमारी की थी।

कार्रवाई के दौरान दो ट्रैक्टर और लोडर वाहन जब्त, पर्यावरण बचाने के लिए उठाया कदम

प्रशासनिक अधिकारियों ने जब मौके पर दबिश दी, तो वहां रेत की लोडिंग और खुदाई का काम धड़ल्ले से चल रहा था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में शामिल दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक बड़ा लोडर वाहन (जेसीबी मशीन) को रंगे हाथों पकड़कर जब्त कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, ऑक्सीजोन क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और शिवनाथ नदी का पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाना बेहद जरूरी था। नदी किनारे इस तरह रेत का टीला बनाकर डंप करने से पानी के प्राकृतिक प्रवाह और तटीय वनस्पति को भारी नुकसान पहुंच रहा था।

छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार हुई ऐसी कार्रवाई, अमूमन राजसात होती है जब्त रेत

छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक इतिहास में यह अपनी तरह का पहला और अनूठा मामला है जब किसी जिले में अधिकारियों ने जब्त की गई रेत की नीलामी करने या उसे सरकारी काम में लगाने के बजाय सीधे उसी नदी में वापस लौटा दिया, जहां से उसे चुराया गया था। सूबे में अब तक रेत की अवैध खुदाई पकड़े जाने पर केवल खनिज और वाहनों को जब्त कर राजसात करने या जुर्माना वसूलने की ही परंपरा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई पहल से रेत तस्करों को एक कड़ा संदेश जाएगा और वे प्राकृतिक संपदा से खिलवाड़ करने से कतराएंगे।

अंधाधुंध खुदाई से सूख रही हैं प्रदेश की नदियां, पर्यावरणविदों ने फैसले का किया स्वागत

पर्यावरण मामलों के जानकारों और स्थानीय जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन के इस साहसिक फैसले का पुरजोर स्वागत किया है। दरअसल, छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में रेत की अंधाधुंध और अनियंत्रित खुदाई के चलते शिवनाथ समेत कई प्रमुख नदियां समय से पहले ही सूखने लगी हैं और उनका जलस्तर लगातार नीचे गिर रहा है। हालांकि, पर्यावरणविदों का यह भी कहना है कि नदी में रेत वापस डालना एक बेहतरीन सांकेतिक कदम है, लेकिन इससे भी ज्यादा कारगर कदम तब होगा जब प्रशासन हाईटेक गश्त और सीसीटीवी कैमरों की मदद से नदियों से रेत की अवैध खुदाई को शुरुआती स्तर पर ही पूरी तरह ठप कर दे।

जिला प्रशासन की रेत माफिया को खुली चेतावनी, आगे भी जारी रहेगा सख्त एक्शन

इस अनूठी कार्रवाई के बाद राजनांदगांव जिला प्रशासन ने अवैध खनन में शामिल सिंडिकेट और परिवहनकर्ताओं को दोटूक चेतावनी दी है। कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और जिले का भूजल स्तर बनाए रखना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति बिना वैध रॉयल्टी पर्ची या पर्यावरण मंजूरी के नदियों से रेत, मुरुम या पत्थर निकालते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ केवल जुर्माना नहीं लगाया जाएगा बल्कि संबंधित धाराओं के तहत कड़ी आपराधिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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