
जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाली एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ गरीबों को वितरित करने के लिए फफूंद लगा चावल पीडीएस दुकानों तक भेज दिया गया। जिले की करीब 10 राशन दुकानों में लगभग 500 क्विंटल खराब चावल पहुँचा दिया गया था।
शिकायत के बाद हरकत में आया विभाग
पीडीएस दुकानदारों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद ही खाद्य विभाग हरकत में आया और नागरिक आपूर्ति निगम (नान) को सूचित किया। इसके बाद जाकर खराब चावल को दुकानों से वापस उठवाया गया।
- रखरखाव में कमी: नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि चावल में फफूंद लगी थी, जिसका कारण गोदामों में रखरखाव की कमी थी। हालाँकि, अधिकारी इसे मामूली फफूंद बताकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं।
- सिस्टम पर सवाल: सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में 500 क्विंटल फफूंद लगा चावल, जो सीधे गरीबों के स्वास्थ्य से जुड़ा है, बिना किसी प्रभावी जाँच के 10 दुकानों तक कैसे पहुँच गया। यह घटना सरकारी निगरानी और जिम्मेदारी दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
फिलहाल खाद्य आपूर्ति निगम जाँच की बात कर रहा है, लेकिन यह मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की हकीकत को उजागर करता है।



