छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: 8 मार्च से सभी 33 जिलों में लगेगा ‘महा जनसुनवाई सप्ताह’

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने प्रदेश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आगामी 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राज्य के सभी 33 जिलों में ‘महा जनसुनवाई सप्ताह’ शुरू होने जा रहा है। 13 मार्च 2026 तक चलने वाले इस अभियान के जरिए उन महिलाओं के मामलों का निपटारा किया जाएगा जो लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रही हैं। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने ऑनलाइन बैठक कर इस पूरे आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की है और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं।

राजधानी के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति

अक्सर देखा जाता है कि दूर-दराज के गांवों और बस्तर जैसे इलाकों की महिलाओं को अपनी शिकायतों के लिए रायपुर स्थित महिला आयोग के कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसमें उनका काफी समय और पैसा खर्च होता है। इसी समस्या को देखते हुए आयोग ने खुद जिलों तक पहुंचने का फैसला किया है। अब महिलाओं को उनके घर के पास ही कानूनी सहायता और शिकायतों का समाधान मिल सकेगा। जिला स्तर पर होने वाली इस सुनवाई से स्थानीय महिलाओं में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ेगा।

मौके पर ही होगा लंबित मामलों का निपटारा

आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने साफ कहा है कि इस विशेष सप्ताह का मकसद फाइलों को लटकाना नहीं बल्कि समस्याओं का तुरंत समाधान करना है। उन्होंने पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और कानून विशेषज्ञों को आपस में तालमेल बिठाकर काम करने को कहा है। जो मामले गंभीर हैं या सुलझाए जा सकते हैं, उन्हें मौके पर ही खत्म करने की कोशिश की जाएगी। आयोग ने सभी जिलों से पेंडिंग केसों की लिस्ट और जनसुनवाई के लिए चुने गए केंद्रों की जानकारी भी मांगी है।

सखी सेंटर देंगे कानूनी और मानसिक सहारा

जनसुनवाई के दौरान ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ की भूमिका काफी अहम होगी। केंद्र प्रशासिकाओं और कानूनी सलाहकारों को निर्देश दिया गया है कि वे पीड़ित महिलाओं को केवल सलाह ही न दें, बल्कि उनकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें। कई बार महिलाएं डरी हुई होती हैं, ऐसे में उन्हें मुफ्त कानूनी परामर्श के साथ-साथ एक सुरक्षित माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में सचिव रमेश साहू ने जिलावार मामलों की समीक्षा की और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की।

महा जनसुनवाई सप्ताह की पूरी कार्ययोजना

मुख्य बिंदुविवरण
अवधि08 मार्च से 13 मार्च 2026 तक
दायराछत्तीसगढ़ के सभी 33 जिले
प्रमुख नेतृत्वडॉ. किरणमयी नायक (अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग)
सहयोगी विभागपुलिस, महिला बाल विकास एवं विधि विभाग
मुख्य लक्ष्यलंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण और कानूनी सहायता
सुविधासखी सेंटर के माध्यम से निशुल्क विधिक परामर्श

शिविरों में सीधी भागीदारी कर सकेंगी महिलाएं

8 मार्च से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत हर जिले में तय जगहों पर आयोग की टीम मौजूद रहेगी। पीड़ित महिलाएं अपने पुराने चल रहे मामलों या नई शिकायतों को लेकर इन कैंपों में सीधे जा सकेंगी। आयोग ने जिला कार्यक्रम अधिकारियों और संरक्षण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन शिविरों का प्रचार-प्रसार करें ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद महिलाओं तक यह जानकारी पहुंच सके। यह कदम राज्य में महिला सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एक नई उम्मीद जगाने वाला साबित होगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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