
Nun Arrest Case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित मानव तस्करी मामले में पकड़ी गईं दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी को लेकर बिलासपुर NIA कोर्ट में आज सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। पीड़ित पक्ष की ओर से दाखिल बेल अर्जी पर निर्णय कल (2 अगस्त 2025) को आएगा।
क्या है पूरा मामला?
25 जुलाई 2025 को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा हंगामा किया था। आरोप था कि दो कैथोलिक नन और एक युवक, नारायणपुर जिले की तीन नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर आगरा ले जा रहे थे। कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ उन्हें रोका, बल्कि स्टेशन पर नारेबाजी करते हुए सभी को जीआरपी के हवाले कर दिया।
मानव तस्करी या धार्मिक रूपांतरण?
घटना के बाद GRP थाना भिलाई-3 के अंतर्गत दुर्ग जीआरपी चौकी में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला मानव तस्करी के साथ-साथ धर्मांतरण के आरोपों से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिस पर अभी जांच जारी है।
दिल्ली तक पहुंची गूंज, सियासत गरमाई
इस घटना ने न सिर्फ प्रदेश बल्कि दिल्ली तक सियासत को गरमा दिया है। जहां एक ओर हिंदू संगठन इसे धार्मिक साजिश बता रहे हैं, वहीं ईसाई समुदाय ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। सोशल मीडिया से लेकर संसद तक इस मामले को लेकर चर्चा तेज है।
NIA कोर्ट में आज हुई सुनवाई के बाद सभी की निगाहें अब कल आने वाले फैसले पर टिकी हैं। बेल अर्जी मंजूर होती है या नहीं, यह तय करेगा कि अगली लड़ाई कहां से और कैसे लड़ी जाएगी।



