
धमतरी: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव सचिन पायलट की उपस्थिति में धमतरी कांग्रेस कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ। वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवेंद्र अजमानी ने नारेबाजी करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद लोहना पर महापौर टिकट वितरण में दलाली का सार्वजनिक आरोप लगाया। यह घटना सचिन पायलट के संविधान दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरे के दौरान हुई। अजमानी ने हंगामे के दौरान “जूता मारो सालों को” जैसे नारे भी लगाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
महापौर टिकट वितरण में दलाली और डमी कैंडिडेट का आरोप
पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र अजमानी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महापौर चुनाव में डमी प्रत्याशी खड़ा न करने के लिए पैसे का लेन-देन हुआ था। अजमानी के अनुसार, पार्टी के लोगों ने दलाली खाकर टिकट बेची है, जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी को ‘वॉकओवर’ मिल गया और वह चुनाव जीत गई। अजमानी ने सचिन पायलट के समक्ष अपनी बात रखने की कोशिश की।
देवेंद्र अजमानी ने दिया त्यागपत्र, BJP में जाने का किया ऐलान
इस विवाद के बीच देवेंद्र अजमानी ने कांग्रेस से अपना त्यागपत्र सचिन पायलट को सौंपा और यह भी घोषणा की कि उनका अगला कदम भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना है। इस मामले पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद लोहना ने देवेंद्र अजमानी को ‘सनकी’ और मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया, साथ ही उन्हें भारतीय जनता पार्टी का दलाल करार दिया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि देवेंद्र अजमानी को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।
विधायक अजय चंद्राकर का कांग्रेस पर तीखा तंज
कांग्रेस में टिकट वितरण में लगे दलाली के आरोपों और आपसी विवाद को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में शौर्य और संस्कार दोनों है। चंद्राकर ने नारेबाजी और हंगामे पर बोले की छत्तीसगढ़ में ‘कांग्रेसी आखाड़ा खेलने की परंपरा’ बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेसी अपने हाईकमान के निर्देशों का पालन करते हुए आपस में जूतम-पैजार कर रहे हैं, यही इनके हाईकमान का निर्देश है, चंद्राकर ने कहा की यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उनके जिले के कांग्रेसी इतने संस्कारवान है की अपने हाईकमान के निर्देशों का पालन करते है।
चंद्राकर बोले की कि शौर्य, जो प्रदर्शन है, जिसे छत्तीसगढ़ में अखाड़ा खेलने की तरह तरह-तरह के करतब दिखाने की परंपरा है कांग्रेसी उस परंपरा का पालन कर रहे हैं। वही कांग्रेस के संस्कार की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हीं से पता चलता है कि कांग्रेसियों को यही संस्कार मिले हैं कि वे एक परिवार या एक व्यक्ति के प्रति निष्ठावान शब्दों का प्रयोग करें और एक दूसरे से लड़ाई-झगड़ा, मार-पीट या छीना-झपटी करते रहे। जनता उन्हें जनादेश देगी, यह उनके लिए हाईकमान से निर्देश है।
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