
Bhupesh Baghel Attack BJP Lugra Chor Statement: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा की ‘आक्रोश रैली’ को लेकर सत्ताधारी दल की घेराबंदी तेज कर दी है। उन्होंने भाजपा के इस अभियान को केंद्र की सोची-समझी साजिश करार देते हुए तंज कसा कि जब तक सच जूता पहनता है तब तक झूठ पूरी दुनिया का चक्कर लगा चुका होता है। बघेल ने महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर भाजपा की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उनके इस बयान ने प्रदेश की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है जिसका सीधा असर आने वाले समय में महिला और पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं पर पड़ सकता है।
महिला आरक्षण बिल और परिसीमन के पीछे छिपा ‘असली खेल’
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा जिस महिला आरक्षण विधेयक का ढिंढोरा पीट रही है वह असल में सितंबर 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो गया था। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा संशोधनों के माध्यम से भाजपा परिसीमन के मुद्दे को जनता पर थोपना चाहती है। बघेल के अनुसार जनगणना में जानबूझकर देरी की जा रही है और परिसीमन के जरिए अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इसे पिछड़े वर्गों के हक छीनने वाला कदम बताया है।
मुख्यमंत्री पर सीधा हमला और ‘लुगरा चोर’ वाली टिप्पणी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को निशाने पर लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को महिलाओं के अधिकारों की इतनी ही फिक्र है तो वे कौशल्या भाभी को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बना देते। भाजपा को ‘लुगरा चोर’ (साड़ी चोर) कहते हुए बघेल ने आरोप लगाया कि ये लोग माताओं का सम्मान करने के बजाय उनके अधिकारों में कटौती कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने 1989 में ही आरक्षण की नींव रख दी थी और 1994 के पंचायती राज चुनावों में इसे सफलतापूर्वक लागू भी किया था।
नक्सलवाद के दावों पर सवाल और रमन सिंह की सुरक्षा का जिक्र
प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों पर भी बघेल ने आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राज्य नक्सल मुक्त हो चुका है तो पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को आज भी एनएसजी (NSG) सुरक्षा के घेरे में रहने की क्या जरूरत है। बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों के कारण राज्य की सुरक्षा स्थिति में कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ है और केवल कागजी आंकड़े पेश करके जनता को गुमराह किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ को भाजपा का ‘आरबीआई’ बताया
भूपेश बघेल ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए एक नया शब्द उछाला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब भाजपा के लिए केवल चुनावी ‘एटीएम’ नहीं रह गया है बल्कि यह उनके लिए ‘आरबीआई’ (RBI) बन चुका है। उनका इशारा इस ओर था कि प्रदेश के संसाधनों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है और राज्य में खुलेआम लूट की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर केवल वसूली का खेल चल रहा है जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
जुबानी जंग तेज होने के आसार
भूपेश बघेल के इन हमलों के बाद अब भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि ‘लुगरा चोर’ और ‘आरबीआई’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल आने वाले दिनों में जुबानी जंग को और अधिक उग्र बना सकता है। कांग्रेस ने जिस तरह से पुरानी नीतियों और महिला आरक्षण के इतिहास को सामने रखा है उससे सत्ताधारी दल को जवाब देने के लिए नए ठोस तर्क ढूंढने होंगे। फिलहाल छत्तीसगढ़ की राजनीति में व्यक्तिगत हमलों और आरोपों का यह दौर चरम पर पहुंच गया है।



