बलौदाबाजार हिंसा कांड: अमित बघेल के ठिकानों पर पुलिस की रेड, जब्त हुए मोबाइल और अहम दस्तावेज

बलौदाबाजार हिंसा मामले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी’ के अध्यक्ष अमित बघेल को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस की एक विशेष टीम सबूतों की तलाश में देर रात अमित बघेल के रायपुर स्थित ठिकानों पर पहुंची। जांच टीम ने उनके घर और दफ्तर की गहन तलाशी ली ताकि 10 जून 2024 को हुई हिंसा से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा सके। पुलिस का कहना है कि इस छापेमारी का मकसद उन डिजिटल और दस्तावेजी सबूतों को हासिल करना है जो इस पूरी साजिश के पीछे की कहानी बयां कर सकें।

घर और ऑफिस से बरामद हुए अहम साक्ष्य

रायपुर के कंचनजंगा स्थित फेस-2 में अमित बघेल के निवास पर दबिश देकर पुलिस ने उनका मोबाइल फोन और एक चार पहिया वाहन जब्त कर लिया है। इसके अलावा मैग्नेटो मॉल स्थित उनके दफ्तर से भी कई महत्वपूर्ण कागजात पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान एक ऐसा पत्र भी मिला है जो आंदोलन के समर्थन में जारी किया गया था। इस पत्र को टाइप करने वाले शख्स की पहचान कर ली गई है और अब पुलिस उसे इस पूरे मामले में अपना मुख्य गवाह बनाने की तैयारी कर रही है।

डेढ़ साल बाद फिर से शुरू हुई धरपकड़

बलौदाबाजार में हुई आगजनी और हिंसा के करीब डेढ़ साल बाद पुलिस ने एक बार फिर आरोपियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। 10 जून 2024 को हुई उस हिंसक घटना में अब तक 200 से अधिक लोगों को जेल भेजा जा चुका है। अमित बघेल की गिरफ्तारी के बाद यह पूरा मामला सियासी और प्रशासनिक गलियारों में फिर से गर्म हो गया है। हालांकि अमित बघेल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही है और सरकार उन्हें जानबूझकर फंसा रही है।

सरकारी संपत्तियों को पहुंचाया गया था नुकसान

पिछले साल हुई इस हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने बलौदाबाजार में भारी तबाही मचाई थी। भीड़ ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आग लगा दी थी और संयुक्त कार्यालय के साथ तहसील दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की थी। उपद्रव के दौरान कई सरकारी और निजी गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया था। इस मामले में सिटी कोतवाली थाने में कुल 13 अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। पुलिस पहले ही कांग्रेस, भीम आर्मी और क्रांति सेना से जुड़े कई बड़े पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अब अमित बघेल से पूछताछ के बाद नए नाम सामने आने की उम्मीद है।

भड़काऊ भाषण और आपत्तिजनक टिप्पणी का विवाद

अमित बघेल पहले भी अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। उन पर अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के इष्ट देवता झूलेलाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था, जिसके बाद देशभर में अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदर्शन किया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद वह काफी समय तक फरार रहे थे और 5 दिसंबर को देवेंद्र नगर थाने में सरेंडर करने पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक उनके भड़काऊ भाषणों ने इलाके में तनाव पैदा करने का काम किया था और अब हिंसा मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

जांच का दायरा और आगामी कार्रवाई

फिलहाल अमित बघेल को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस कंट्रोल रूम में रखा गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और मोबाइल डेटा से कई सफेदपोश चेहरों का पर्दाफाश हो सकता है। विवेचना टीम ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में कुछ और प्रभावशाली लोगों की गिरफ्तारी की जा सकती है। अधिकांश पुराने मामलों में पुलिस पहले ही चालान पेश कर चुकी है और गवाही की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जिससे आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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