Narhara Waterfall: पहली बारिश में खिला नरहरा, सैलानियों की भीड़ से गुलजार, नरहरा में अब सिर्फ झरना नहीं, सेल्फी पॉइंट, एडवेंचर पार्क और झूले भी होंगे आकर्षण का केंद्र

Narhara Waterfall: हरियाली की चादर ओढ़े जंगल, ठंडी फिज़ाओं में गूंजती झरने की आवाज़ और झूमते झरने के बीच उमड़ती पर्यटकों की भीड़… जैसे मानो कोई फिल्मी सीन हकीकत में उतर आया हो! नरहरा अब सिर्फ झरना नहीं, एक रोमांच, राहत और सुकून का ठिकाना बन चुका है। अब यहां सिर्फ प्रकृति नहीं, एडवेंचर, सेल्फी पॉइंट, झूले और कैंपिंग जैसी सुविधाएं भी आपका इंतज़ार कर रही हैं।

Dhamtari Waterfall: बारिश की पहली फुहार के साथ ही नरहरा वाटरफॉल की खूबसूरती एक बार फिर निखर उठी है और यहां पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई है। झरने के आकर्षण को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसके सौंदर्यीकरण और सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। पर्यटकों के आराम के लिए मचान और झोपड़ियां बन चुकी हैं, बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं और झूले भी लगाए जा रहे हैं। सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 40 से ज्यादा डस्टबिन जगह-जगह रखे गए हैं। नरहरा अब एक आकर्षक और सुविधाजनक पर्यटन स्थल के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है।

CG Waterfall: यहाँ एडवेंचर पार्क, सेल्फी पॉइंट, वाटरफॉल एरिया में फेंसिंग, एडवेंचर झूले और सोलर पंप जैसे कई विकास कार्य किए जाने बाकी हैं। इसके साथ ही क्रेडा द्वारा 8.10 लाख रुपये की लागत से सोलर लाइटें भी लगाई जानी हैं। गौरतलब है कि नरहरा मिनी वॉटरफॉल हर साल करीब 1 लाख पर्यटकों को आकर्षित करता है। पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या से संचालन समिति को हर साल लगभग 5 से 7 लाख रुपये की आय हो रही है, और सुविधाएं बढ़ने के बाद यह आंकड़ा और अधिक बढ़ने की संभावना है।

Narhara Waterfall: ऐसे जा सकते है नरहरा वॉटरफॉल

Best Waterfall in CG: नरहरा वॉटरफॉल न सिर्फ एक शानदार पिकनिक स्पॉट है, बल्कि प्रकृति की खूबसूरती को करीब से महसूस करने का एक बेहतरीन स्थल भी है। यह रायपुर से करीब 113 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रायपुर से नेशनल हाईवे के माध्यम से पहले धमतरी पहुंचना होता है। वहां से सिहावा रोड होते हुए कुकरेल जाना होता है। कुकरेल से बनरौद, बाजार कुर्रीडीह और झुरातराई होते हुए कोटरवाही पहुंचते हैं, जहां सुंदर और शांत वातावरण में नरहराधाम स्थित है। धमतरी से कोटरवाही की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है।

गंगरेल में 35,000 क्यूसेक पानी की आवक, जिले के बांधों में बढ़ा जलस्तर

Gangrel Dam: गंगरेल बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश का असर अब साफ नजर आने लगा है। शनिवार सुबह 7 बजे तक जहां गंगरेल बांध में 1,110 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी, वहीं दोपहर 12 बजे तक यह बढ़कर 35,000 क्यूसेक और दोपहर 3 बजे तक 35,010 क्यूसेक तक पहुंच गई। अच्छी बारिश के चलते जिले के अन्य प्रमुख बांधों में भी जलस्तर बढ़ने लगा है।

Murumsilli Dam: मुरूमसिल्ली बांध में 324 क्यूसेक, दुधावा में 216 क्यूसेक और सोंढूर बांध में 314 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में जिले में औसतन 22.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक बारिश कुरुद तहसील में 47.7 मिमी रही, जबकि सबसे कम कुकरेल में 11 मिमी दर्ज हुई। इसके अलावा धमतरी में 15.1 मिमी, मगरलोड में 18.7 मिमी, नगरी में 25.8 मिमी, भखारा में 17.7 मिमी और बेलरगांव में 21 मिमी बारिश हुई है।

नरहरा वाटरफॉल: डोकाल और केरेगांव से आता है पानी, पर्यटन से एक सीजन में 7 लाख की आय

Narhara Waterfall: नरहरा वॉटरफॉल का कैचमेंट एरिया नगरी ब्लॉक के डोकाल और केरेगांव क्षेत्र हैं, जहां से बारिश का पानी झरने तक पहुंचता है। इस जलप्रपात और नरहराधाम का संचालन मंदिर समिति, वन समिति और ग्राम पंचायत मिलकर कर रही हैं। केरेगांव तहसील में अब तक 251 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। झरने की खूबसूरती को देखने के लिए पर्यटकों का आना शुरू हो गया है। रविवार को भी सैकड़ों सैलानी यहां पहुंचे।

एक सीजन में लगभग 7 लाख रुपये की आय

Kotravaha: कलेक्टर अभिनाश मिश्रा ने बताया कि कोटरवाही स्थित नरहरा वाटरफॉल को और अधिक विकसित किया जा रहा है। पानी, बिजली, एडवेंचर पार्क और बैठने की बेहतर व्यवस्था को लेकर कई निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं और कुछ कार्य जारी हैं। अभी तक संचालन समिति को एक ही पर्यटन सीजन में लगभग 7 लाख रुपये की आय हुई है। सुविधाएं बढ़ने से आने वाले समय में पर्यटकों की संख्या और समिति की आय दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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