
Dhamtari School: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों की छवि जहां अक्सर बदइंतज़ामी और गैर-हाज़िरी के कारण आलोचना का शिकार होती है, वहीं धमतरी ज़िले के एक छोटे से स्कूल सियारीनाला प्राथमिक शाला ने कुछ अलग कर दिखाया है। यहां के हेडमास्टर खोमन सार्वा और सहायक शिक्षक सुनील कुंजाम ने पढ़ाई के तरीके में ऐसा नवाचार किया है कि बच्चों की उपस्थिति 100 फीसदी हो गई है और पढ़ाई में दिलचस्पी भी बढ़ी है।

किताब से लेकर स्मार्ट टीवी तक की सफर… और बच्चों का बढ़ता आईक्यू
CG School Education: गांव के ही पढ़ाई के प्रति जागरूक लोगों ने स्कूल को एक स्मार्ट टीवी दान किया है, जिसे शिक्षक पढ़ाई का ज़रिया बना चुके हैं। अब बच्चे न सिर्फ किताबों से, बल्कि टीवी के माध्यम से भी सीख रहे हैं। इससे बच्चों का आईक्यू लेवल तेजी से बढ़ा है और वे विषयों को जल्दी समझने लगे हैं।

Smart School: हेडमास्टर खोमन सार्वा का मानना है कि बच्चों को खेल और तकनीक के साथ जोड़ा जाए तो वे आसानी से सीखते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों और इंटरैक्टिव तरीकों का सहारा लिया।
गांव के लोग भी जुड़े, अब स्कूल बना पूरे इलाके की पहचान
Digital Learning: शुरुआत में जिस स्कूल में बच्चे आने से कतराते थे, अब वहां रोज़ 28 में से 28 बच्चे मौजूद रहते हैं। स्कूल का रिजल्ट भी बीते वर्ष ए ग्रेड रहा है। पालक भी बच्चों की पढ़ाई में दिलचस्पी ले रहे हैं और समय-समय पर स्कूल आकर जानकारी लेते हैं।
Dhamtari News: एक छात्र रूद्र कुमार, जो कि कमार जनजाति से है, पिछले दो सालों से स्कूल का टॉपर है। ये दिखाता है कि कैसे नवाचार और समर्पण बच्चों की प्रतिभा को निखार सकते हैं।
नवोदय का सपना और मिशन
शिक्षक चाहते हैं कि स्कूल के बच्चे नवोदय विद्यालय में दाखिला लें और बेहतर भविष्य बनाएं। इसी लक्ष्य को लेकर वे बच्चों को अलग-अलग तरीकों से तैयारी करा रहे हैं। बच्चों की सोच, आत्मविश्वास और सीखने की गति में जबरदस्त सुधार दिख रहा है।
मेहनत रंग लाई, अब होगा सम्मान
हेडमास्टर और सहायक शिक्षक की मेहनत पर अब शिक्षा विभाग की भी नज़र पड़ी है। जिला शिक्षा अधिकारी टी.आर. जगदल्ले ने बताया कि दोनों शिक्षकों का कार्य सराहनीय और प्रेरणादायक है। उन्होंने ऐलान किया है कि जल्द ही इन शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
“इनका काम बाकी शिक्षकों के लिए मिसाल है। हम उनकी हौसला अफ़जाई करेंगे और ज़रूरी मदद भी देंगे,”
– टी.आर. जगदल्ले, जिला शिक्षा अधिकारी, धमतरी



