छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर शिकंजा कसने नई रणनीति, गांवों में लगे पोस्टर और बैनर

कांकेर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों ने एक नई पहल की है। पुलिस अब मोस्ट वांटेड नक्सलियों की पहचान उजागर कर रही है और उनकी जानकारी जुटाने के लिए गांव-गांव में पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं। इसका मकसद है कि ग्रामीण नक्सलियों की पहचान कर सकें और उनकी गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचा सकें।

गांवों में टंगे मोस्ट वांटेड नक्सलियों के पोस्टर

कांकेर जिले के अंदरूनी इलाकों में लगाए गए इन पोस्टरों में कई कुख्यात नक्सलियों के नाम और तस्वीरें शामिल हैं। इनमें बसंती आंचला, पुष्पा हेमला, रोनी उर्फ उमा, रामा कुंजाम, सरवन मड़काम और रामको मंडावी जैसे बड़े नाम मौजूद हैं। ये सभी लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय हैं और पुलिस की निगरानी सूची में शामिल हैं।

इनाम की घोषणा, गुप्त रखा जाएगा नाम

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन वांटेड नक्सलियों के बारे में सही और पुख्ता जानकारी देने वाले लोगों को इनाम दिया जाएगा। इनाम की राशि एक लाख से पांच लाख रुपये तक रखी गई है। साथ ही, सूचना देने वाले ग्रामीण का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि उनकी सुरक्षा को किसी तरह का खतरा न हो।

नक्सलियों के खिलाफ बढ़ा दबाव

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस पहल से नक्सलियों की आवाजाही पर रोक लगेगी और उन्हें गांवों में छिपने या स्थानीय स्तर पर मदद पाने में मुश्किल होगी। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों के सहयोग से नक्सल विरोधी अभियान और प्रभावी होगा और जंगलों में छिपे मोस्ट वांटेड चेहरों को पकड़ने में आसानी होगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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