
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के नाम पर एक बड़े धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। सिविल लाइन पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह को पकड़ा है जो लोगों को आवास योजना की राशि जल्द दिलाने का लालच देकर उनसे लाखों रुपए ऐंठ रहा था। यह गिरोह मुख्य रूप से उन लोगों को अपना निशाना बनाता था जो सरकारी मदद की उम्मीद में थे, और उनसे अमानत के नाम पर नकद और गहने हड़प लेता था.
ठगी का अनूठा तरीका: योजना निरस्त होने का भय
इन ठगों के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अलग-अलग मोहल्लों में पहुँचते थे। वहां वे हितग्राहियों को डराते थे कि उनकी आवास योजना की फाइल निरस्त होने वाली है। इस डर का फायदा उठाते हुए वे फाइल को ‘बचाने’ या राशि जल्द स्वीकृत कराने के बहाने पीड़ितों से नकद राशि और उनके सोने-चांदी के जेवरात ले लिया करते थे.
सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी
सिविल लाइन और कोतवाली थाना क्षेत्रों में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने सघन जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने विभिन्न इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के विश्लेषण से एक संदिग्ध पैशन प्रो मोटरसाइकिल (CG-10 BY-9201) की पहचान हुई, जो हर वारदात के समय घटनास्थल के आसपास देखी गई थी। हुलिए के मिलान के आधार पर पुलिस ने दीनदयाल कॉलोनी क्षेत्र से संदिग्धों को हिरासत में लिया.
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि जानकी भट्ट, उषा साहू, अगमदास टंडन और शांति बाई यादव जैसे कई लोगों को उन्होंने अपना शिकार बनाया था। आरोपियों ने यह भी बताया कि ठगी के दौरान मिले जेवरातों को उन्होंने गनियारी निवासी कन्हैया सोनी के पास गिरवी रखा था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने जेवरात खरीदने वाले सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस की बड़ी कामयाबी: लाखों का सामान बरामद
पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई पैशन प्रो बाइक जब्त की है। इसके अलावा, उनके कब्जे से 4,500 रुपए नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए इन आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 56 हजार रुपए बताई जा रही है। यह बरामदगी पीड़ितों को राहत देने की दिशा में पुलिस का एक बड़ा कदम है.
आरोपियों की गिरफ्तारी और अगली कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 65 वर्षीय रामप्रसाद यादव, 38 वर्षीय जितेंद्र यादव और 45 वर्षीय कन्हैया सोनी शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। तीनों आरोपियों को आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है.
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