
रायपुर: CG Assembly Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 से 18 जुलाई तक चलेगा। सत्र से पहले सियासी गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने अपनी रणनीति बनाने की कवायद शुरू कर दी है। आज दोनों ही दलों की महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों और सरकार को घेरने की योजनाओं पर चर्चा होगी।
कांग्रेस की बैठक आज शाम 4 बजे
कांग्रेस विधायक दल की बैठक राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में शाम 4 बजे होगी। इसकी अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत करेंगे। बैठक में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। इस बैठक में तय किया जाएगा कि विधानसभा में किन मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया जाएगा और सरकार की नाकामियों को कैसे उजागर किया जाए।
सूत्रों के अनुसार, संगठन ने सभी विधायकों को निर्देश दिया है कि वे सत्र के दौरान पूरी सक्रियता से भाग लें और जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करें।
ये मुद्दे होंगे कांग्रेस का मुख्य हथियार
विधानसभा सत्र में कांग्रेस बिजली दरों में बढ़ोतरी, डीएपी खाद की कमी, कानून-व्यवस्था, राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी, शराब घोटाला, पेड़ की कटाई, अवैध रेत खनन और भारतमाला परियोजना में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में यह तय किया जाएगा कि कौन से मुद्दे प्रश्नकाल के बाद उठाए जाएंगे और किस क्रम में उन्हें रखा जाएगा।
भाजपा भी मैदान में उतरेगी पूरी तैयारी से
कांग्रेस की घेराबंदी के जवाब में भाजपा भी रणनीति बनाने में जुट गई है। भाजपा विधायक दल की बैठक आज शाम 7 बजे मुख्यमंत्री के नवा रायपुर स्थित निवास में होगी। बैठक में सभी भाजपा विधायक शामिल होंगे। पार्टी का जोर कांग्रेस के आरोपों का तथ्यपूर्ण जवाब देने और अपनी सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पेश करने पर होगा।
विपक्ष ला सकता है स्थगन प्रस्ताव
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। पांच दिवसीय सत्र में अब तक विधायकों की ओर से कुल 996 सवाल लगाए जा चुके हैं। कृषि, खाद्य और शिक्षा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की संभावना है। साथ ही, आबकारी विभाग में हुए कथित घोटाले और अधिकारियों के निलंबन पर भी सदन में बहस हो सकती है।
गहमागहमी और तीखी बहस के आसार
राज्य में भाजपा सरकार को बने डेढ़ साल हो चुके हैं, ऐसे में विपक्ष कई सवालों के साथ सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। वहीं सत्ता पक्ष भी आक्रामक तेवर अपनाने को तैयार है। सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और राजनीतिक गहमा-गहमी की पूरी संभावना है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह मानसून सत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम रहने वाला है। दोनों ही दल सदन में पूरी तैयारी के साथ उतरने जा रहे हैं, जिससे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गरमागरम बहस देखने को मिल सकती है।



