छत्तीसगढ़ में अफवाह फैलाने वालों की अब खैर नहीं: गैस-पेट्रोल की किल्लत पर झूठ बोला तो सीधे जेल, साइबर सेल रखेगी नजर

छत्तीसगढ़ में अगर आप व्हाट्सएप या फेसबुक पर गैस सिलेंडर या पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर कोई भी भ्रामक संदेश फॉरवर्ड कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। जो भी व्यक्ति किल्लत को लेकर अफवाह फैलाएगा, उसके खिलाफ पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करेगी। नवा रायपुर स्थित साइबर मुख्यालय को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे ऐसे मोबाइल नंबरों को ट्रैक करें जो डर का माहौल पैदा कर रहे हैं।

होटल-ढाबों पर छापेमारी और भारी जब्ती

सरकार केवल चेतावनी तक सीमित नहीं है बल्कि जमीन पर भी सख्त एक्शन लिया जा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रशासन ने प्रदेश भर के होटलों, ढाबों और व्यावसायिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस कार्रवाई में 3800 से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया कि कई व्यावसायिक संस्थान नियमों को ताक पर रखकर घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।

विदेशी तनाव के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश

प्रशासन के ध्यान में यह बात आई है कि कुछ शरारती तत्व अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय तनाव का हवाला देकर ईंधन खत्म होने की झूठी खबरें फैला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें। कालाबाजारी करने वाले बिचौलियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

आम जनता के लिए शिकायत हेल्पलाइन शुरू

आम नागरिकों की सुविधा के लिए सरकार ने एक नया टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया है। अगर आपके क्षेत्र में गैस की सप्लाई नियमित नहीं है या कोई एजेंसी आपसे निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे मांग रही है, तो आप इस नंबर पर सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शासन ने साफ किया है कि अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और छात्रावासों जैसी जरूरी जगहों पर गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर निर्बाध रखा जाएगा।

अफवाहों के डर से स्टॉक जमा करने से बचें

सरकार की इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को रोकना है जो डर की वजह से घरों में जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा करने की कोशिश कर रहे थे। पेट्रोल पंपों पर लगने वाली बेवजह की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी रुकने से मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने वाले गिरोहों पर लगाम लगेगी।

प्रशासनिक सतर्कता और भविष्य की तैयारी

आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने की उम्मीद है। खाद्य विभाग के अधिकारी लगातार गैस एजेंसियों और पेट्रोल डिपो का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि स्टॉक की वास्तविक स्थिति का पता चलता रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधी निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी जिले में आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो। जनता से भी अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट संदेश को आगे न भेजें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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