
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन के साथ रायपुर जिले में बोर खनन पर लगे 3 महीने पुराने प्रबंध को हटा दिया गया है कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह ने 1 जुलाई को छत्तीसगढ़ पेयजल संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत प्रतिबंध हटाने का आदेश जारी किया अब जिले में लोग निर्धारित नियमों का पालन करते हुए बोरिंग कार्य करवा सकेंगे।
गर्मी में लगा था प्रतिबंध, बिना अनुमति पर होती थी कार्यवाही
1 अप्रैल से गर्मी की शुरुआत के साथ जिले में बोर खनन पर रोक लगा दी गई थी इस दौरान बोर खनन के लिए कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य थी बिना अनुमति खुदाई करने पर जुर्माना और कानूनी कार्यवाही का प्रावधान था जिससे अधिकतर क्षेत्रों में बोरिंग का काम धक हो गया था कई मामलों में चोरी छिपे की गई खुदाई पर प्रशासन ने कार्यवाही भी की थी।
अब अनुमति की आवश्यकता नहीं लेकिन जल संरक्षण की अपील प्रतिबंध हटाने के बाद अब लोग बोरिंग कर सकते हैं लेकिन प्रशासन ने अपील की है कि यदि पहले से जल स्रोत उपलब्ध है तो नए बोरिंग से बच्चे कलेक्टर ने चेताया कि सीमित भूजल स्रोत के अत्यधिक दोहन से गर्मियों में जल संकट और गहरा सकता है जल संरक्षण की दिशा में यहां जागरुकता जरूरी है।



