
रायपुर: CG Vyapam Abkari Aarakshak Bharti 2025: छत्तीसगढ़ में आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा एक बार फिर व्यापम (CG Vyapam) की कार्यशैली पर सवालों के घेरे में आ गई है। परीक्षा को लेकर प्रदेश के कई जिलों—धमतरी, जांजगीर-चांपा और सूरजपुर—से ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिसने न सिर्फ उम्मीदवारों को परेशान किया बल्कि व्यवस्था की पोल भी खोल दी।
गेट बंद मिला, एडमिट कार्ड दिखाने पर भी नहीं मिली एंट्री
CG Vyapam Exam Controversy: धमतरी में कई परीक्षार्थियों ने बताया कि उन्होंने 21 जुलाई को व्यापम की वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड किया था। उसमें साफ लिखा था कि प्रवेश का अंतिम समय सुबह 10:45 बजे है।
लेकिन जब वे परीक्षा केंद्र पहुंचे तो उन्हें यह कहकर रोक दिया गया कि गेट 10:30 बजे ही बंद कर दिया गया है।
अभ्यर्थी जब पुराने एडमिट कार्ड दिखाते रहे, तब भी गेट के भीतर नहीं जाने दिया गया। बाहर खड़े होकर छात्र फूट-फूटकर रोते रहे।

व्यापम की टाइमिंग में ‘चुपचाप’ बदलाव?
26 और 27 जुलाई को जिन अभ्यर्थियों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, उनमें प्रवेश का समय 10:30 बजे दर्ज था।
लेकिन पहले से डाउनलोड किए गए कार्ड में ये टाइमिंग 10:45 बजे थी। व्यापम की ओर से इस बदलाव की कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई, न ही वेबसाइट या SMS के जरिए जानकारी दी गई।
जांजगीर-चांपा में जाति न होने पर रोके गए उम्मीदवार!
जांजगीर-चांपा जिले के डेल्ही पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र में भी परीक्षा देने पहुंचे दर्जनों छात्रों को बाहर कर दिया गया।
कुछ छात्र इसलिए परीक्षा नहीं दे पाए क्योंकि उनके एडमिट कार्ड में पिता की जाति का उल्लेख नहीं था, जबकि बाकी दस्तावेज़ पूरे थे।
आक्रोशित छात्रों ने केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया और प्रशासन से न्याय की मांग की।
सूरजपुर में धार्मिक भावना भड़की: कलावा उतरवाकर फेंका गया?
सूरजपुर में परीक्षा के दौरान एक और गंभीर मामला सामने आया।
अग्रसेन चौक स्थित कन्या हाई स्कूल परीक्षा केंद्र में परीक्षा प्रभारी ने कथित तौर पर कुछ छात्रों के हाथों से कलावा उतरवाकर जूतों के पास फेंक दिया।
इससे हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया और मौके पर कोतवाली पुलिस को बुलाना पड़ा।
हंगामे के बाद मामला शांत कराया गया लेकिन परीक्षा की गरिमा पर सवाल उठ गया।
मेहनत गई पानी में, अब क्या मिलेगा दोबारा मौका?
इन घटनाओं के बाद छत्तीसगढ़ व्यापम की परीक्षा संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने महीनों की मेहनत और तैयारी की थी, लेकिन सूचना के अभाव और अराजक प्रबंधन के चलते उनका सपना चकनाचूर हो गया।
अभ्यर्थियों की मांग: जांच हो, और दोबारा परीक्षा का मौका मिले
छात्रों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
जिन उम्मीदवारों को अनावश्यक कारणों से परीक्षा से वंचित किया गया, उन्हें एक और अवसर दिया जाए।



