
रायपुर 29 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार कुछ ऐसा किया है जो पहले कभी नहीं हुआ था। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्राइमरी और मिडिल क्लास के बच्चों के लिए अब मिड-डे मील यानी मध्यान्ह भोजन का समय अलग-अलग तय किया गया है। शिक्षा विभाग के नए शैक्षणिक कैलेंडर में इस बदलाव को शामिल किया गया है, लेकिन इसके चलते कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
बड़े खाएंगे पहले, देखेंगे रहेंगे छोटे
CG School Lunch Time: इस बार शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है कि कक्षा छठी से आठवीं तक के बच्चों को पहले भोजन मिलेगा। उनका मध्यान्ह अवकाश दोपहर 1:10 बजे से 1:50 बजे तक रहेगा। वहीं, पहली से पाँचवीं तक के छोटे बच्चों को अब 40 मिनट बाद यानी दोपहर 1:45 बजे से 2:35 बजे तक भोजन का समय दिया गया है।
मतलब साफ है – बड़े बच्चे पहले खाएंगे, और छोटे बच्चे उनके खाने का इंतज़ार करते रहेंगे। जबकि पहले सभी बच्चों को एक ही समय यानी दोपहर 1:05 बजे भोजन अवकाश मिलता था।

एक ही स्कूल, दो टाइम टेबल – उलझा स्कूल स्टाफ
School Timing Change: इस नई व्यवस्था से उन स्कूलों में सबसे ज़्यादा भ्रम की स्थिति है, जहाँ पहली से आठवीं तक की कक्षाएं एक ही परिसर में संचालित होती हैं। कई जगह तो प्राइमरी स्कूलों को हाल ही में मिडिल स्कूल में मर्ज भी कर दिया गया है। ऐसे में एक ही स्टाफ के लिए अलग-अलग समय पर बच्चों को खाना खिलाना और उनकी निगरानी करना आसान नहीं होगा।
शनिवार को अब बैगलेस डे सिर्फ दो बार, स्कूल खुलेंगे पूरे दिन
Bagless Saturday: नया कैलेंडर सिर्फ भोजन अवकाश तक ही सीमित नहीं है। शिक्षा विभाग ने शनिवार के समय में भी बदलाव कर दिया है। अब हर शनिवार नहीं, सिर्फ दूसरा और चौथा शनिवार ही ‘बैगलेस डे’ होगा। बाक़ी शनिवार को स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पूरे समय तक चलेंगे।
CG Education Policy: पिछले वर्षों में शनिवार को स्कूल केवल आधे दिन, यानी सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक ही चलते थे। लेकिन अब शिक्षक भी शनिवार को पूरा समय काम करेंगे। इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है।
शिक्षक बोले – बहुत हुआ प्रयोग, अब ज़मीनी हकीकत भी देखो
CG Teachers Protest: छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने इन सभी बदलावों का विरोध किया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने साफ कहा कि यह नया कैलेंडर अव्यवहारिक है। उनका कहना है कि एक ही परिसर में संचालित स्कूलों में अलग-अलग टाइमिंग से अव्यवस्था फैलेगी।

उन्होंने शनिवार को स्कूल समय को पहले की तरह सुबह 7:30 से 11:30 तक ही रखने की मांग की है और भोजन अवकाश को लेकर भी संशोधन की बात कही है।
सवाल वही – बच्चों की सहूलियत पहले या कागजी प्रयोग?
School Lunch Timing Change: शिक्षा विभाग ने यह बदलाव क्यों किया, इस पर अभी तक कोई ठोस वजह नहीं बताई गई है। लेकिन इतना तो तय है कि ये नया कैलेंडर स्कूल स्टाफ और बच्चों दोनों के लिए असमंजस भरा हो सकता है। ऐसे में देखना होगा कि क्या विभाग फीडबैक लेकर इस पर दोबारा विचार करेगा या बच्चों को ही ‘नए सिस्टम’ में ढलने को कहा जाएगा।
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