
जगदलपुर: Jagdapur Crime: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। एक ट्रक ड्राइवर को पहले प्यार से बुलाया गया, फिर फार्म हाउस में ले जाकर घंटों टॉर्चर किया गया। पीड़ित के मुताबिक, उसे बेल्ट से पीटा गया, नंगा किया गया और हद तो तब हो गई जब उसके ऊपर पेशाब कर दिया गया। इस पूरी घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस हरकत में आई है।
“गैरकानूनी काम करने का दबाव था, मना किया तो निकाल लिए पैसे”
Driver Torture Case: ड्राइवर खुर्शीद अहमद ने बताया कि वह भुवन कबाड़ी संस्था में ट्रक चलाता था। संस्था के लोग उस पर दबाव बना रहे थे कि वह तांबा-पीतल लोड कर गैरकानूनी तरीके से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाए। जब उसने मना किया, तो उसके बैंक खाते से पैसे निकाल लिए गए। नाराज होकर वह गांव चला गया। लेकिन कुछ दिन बाद उसे फोन कर वापस बुलाया गया और कहा गया कि सब कुछ भुला दो, काम फिर से शुरू करो।
प्यार से बुलाकर पिटाई, फार्म हाउस में हुआ ‘क्रूरता का लाइव शो’
Kidnapping Case: खुर्शीद जैसे ही वापस लौटा, तो नितिन साहू और पीयूष ठाकुर ने उसे गाड़ी में बैठाया और कहा कि एक ट्रक ले जाना है जिसमें तांबा-पीतल लोड है। जब उसने फिर से मना किया, तो कार को लॉक कर उसे फार्म हाउस ले जाया गया।
Viral Video: वहां पहले से दो और लोग मौजूद थे। फिर चारों ने मिलकर उसे करीब साढ़े तीन घंटे तक बेल्ट और घूंसों से पीटा, कपड़े उतरवाए और उसके ऊपर पेशाब कर दिया।
प्रताड़ना की वीडियो कॉल, पीड़ित की पत्नी की भी मिन्नतें
हमलावरों ने एक युवक को वीडियो कॉल कर प्रताड़ना लाइव दिखाई। खुर्शीद की पत्नी ने भी कॉल कर पति को छोड़ने की मिन्नत की, लेकिन वह कुछ बोल नहीं सका – क्योंकि वह पहले ही जान से मारने की धमकी से डरा हुआ था।
हैदराबाद की ओर भागे, रास्ते में फिर मारा
जब बोधघाट थाने में शिकायत पहुंची और मामला सामने आने लगा, तो आरोपी खुर्शीद को जबरन तेलंगाना की ओर ले गए। हैदराबाद के पास एक जगह गाड़ी रोककर दोबारा पीटा और चाकू दिखाकर धमकाया गया – “अब जो हम कहेंगे वही बोलेगा।”
फोन पर पुलिस से बात – स्क्रिप्ट लिखी हुई थी
पीड़ित ने बताया कि जब थाने से फोन आया तो उसे पहले से स्क्रिप्ट थमा दी गई थी। हमलावर उसे बताते रहे कि फोन पर क्या बोलना है। वो डर के मारे वही कहता रहा।
जंगल में फेंका, किसी तरह गांव पहुंचा
Viral Crime Video: बाद में खुर्शीद को जंगल में फेंक दिया गया। वहां से किसी तरह एक दुकान तक पहुंचा, फोन चार्ज किया और गांव में एक परिचित को कॉल किया।
उसकी मदद से घर पहुंचा और फिर अस्पताल में भर्ती हुआ। अब ठीक होने के बाद उसने बोधघाट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
वायरल वीडियो में दिखी अमानवीयता की हद
एक वायरल वीडियो में आरोपी युवक बेल्ट से मारते हुए मस्ती में डांस कर रहा है और ड्राइवर को भी डांस करने को कह रहा है। ड्राइवर हाथ जोड़कर रहम की भीख मांग रहा है, लेकिन उसे पीटना जारी रहता है।
दूसरे वीडियो में खुर्शीद की पत्नी उसे वीडियो कॉल करती है और कहती है – “उन्हें छोड़ दो, वो घर वापस आ जाएंगे।” लेकिन डर से घिरा खुर्शीद सिर्फ “सब ठीक है” बोलता नजर आता है।
“अब भी जान को खतरा है, इंसाफ चाहिए” – खुर्शीद की गुहार
पीड़ित ड्राइवर का कहना है कि उसे अब भी डर है कि वे लोग उसे मार सकते हैं। वे रास्ते में कहते रहे – “तुझे मारने का ही प्लान था, बात लीक हो गई, वरना कब का काम तमाम कर देते।”
पुलिस जांच में जुटी, कार्रवाई का दावा
बोधघाट थाना पुलिस ने पुष्टि की है कि उन्हें पीड़ित का आवेदन मिला है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सवाल बड़ा – क्या शहर में गुंडों को मिल रहा है किसी का संरक्षण?
अब सवाल ये भी उठ रहे हैं कि आखिर कुछ लोग इतने बेखौफ कैसे हो गए? किसी को अगवा कर टॉर्चर करना, वीडियो कॉल पर ‘शो’ करना, धमकाना और फिर फरार हो जाना – ये सब इतना आसान कैसे हो गया?
क्या इन्हें किसी का राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण हासिल है? या फिर कानून का खौफ ही खत्म हो चुका है?



