
Raipur GST Raid: रायपुर में मोबाइल कारोबार से जुड़ी तीन नामचीन कंपनियों पर केंद्रीय जीएसटी (CGST) विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आरोप है कि इन कंपनियों ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये के GST की चोरी की। मामला सिर्फ टैक्स चोरी का नहीं है, बल्कि फर्जी बिलिंग के जरिए सिस्टम को चकमा देने का है।
एप्पल फोन की आड़ में चल रहा था घोटाला
Fake ITC scam Raipur: जांच में सामने आया कि मेसर्स श्री मंगलम टेलीकॉम एलएलपी, मेसर्स मंगलम ट्रेडर्स और मेसर्स श्री मंगलम कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड नाम की ये तीन कंपनियां मुख्य रूप से Apple ब्रांड के मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त करती हैं। लेकिन असली कमाई फर्जी चालानों और ITC घोटाले से हो रही थी।
फरीदाबाद कनेक्शन से खुली परतें
Fake billing network: इन कंपनियों का सीधा कनेक्शन फरीदाबाद की एक कंपनी मेसर्स बालाजी मोबाइल एडिशन से जुड़ा हुआ मिला। यहीं से फर्जी बिलिंग का जाल बुना गया। बालाजी मोबाइल एडिशन ने जो फर्जी चालान जारी किए, उन्हीं के आधार पर रायपुर की तीनों कंपनियों ने ₹4 करोड़ से ज़्यादा का अवैध ITC क्लेम कर लिया।
98 लाख पहले ही जमा, बाकी देने का वादा
Input Tax Credit fraud: जांच के बाद खुलासा हुआ कि ₹4 करोड़ के अवैध ITC में से ₹98 लाख की राशि पहले ही DRC-03 फॉर्म के ज़रिए जमा करवाई जा चुकी है। बाकी बचे टैक्स, ब्याज और पेनल्टी को जल्द अदा करने का भरोसा कंपनियों की तरफ से दिया गया है।
CGST की टीम ने मारा छापा, जब्त किए अहम दस्तावेज
इस पूरी कार्रवाई को CGST के प्रिंसिपल कमिश्नर पराग बोलकर, जॉइंट कमिश्नर बीएन संदीप, और असिस्टेंट कमिश्नर मिर्जा शाहिद बेग के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। करीब 10 अधिकारियों की टीम ने मिलकर कंपनियों के ठिकानों पर छापा मारा और दस्तावेजों के साथ-साथ डिजिटल सबूत भी जब्त किए।
टेक्नोलॉजी की दुनिया में टैक्स चोरी का नया मॉडल
मोबाइल बिजनेस के हाई-प्रोफाइल दिखने वाले चेहरे के पीछे चल रहा ये फर्जीवाड़ा इस बात का सबूत है कि टेक्नोलॉजी के साथ-साथ टैक्स चोरी के तरीके भी स्मार्ट होते जा रहे हैं। अब देखना ये होगा कि GST विभाग इस मामले में आगे क्या कड़ा कदम उठाता है और क्या बाकी कंपनियों पर भी ऐसी ही कार्रवाई होती है।
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