
बलरामपुर: MNREGA EPF Scam: जनपद पंचायत वाड्रफनगर में मनरेगा के ईपीएफ फंड में बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां तीन कर्मचारियों ने मिलकर ₹11 लाख से ज्यादा की राशि गबन कर ली। खास बात यह है कि यह पैसा सीधे एक आरोपी कर्मचारी की पत्नी के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। मामले में पुलिस ने पति-पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
CEO की शिकायत पर खुला मामला
Balrampur Fund Fraud: जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मोहम्मद निजामुद्दीन ने वाड्रफनगर थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, जून 2023 से जून 2025 के बीच मनरेगा कर्मचारियों के ईपीएफ फंड की रकम गड़बड़ी कर आरोपी भगवान सिंह ने अपनी पत्नी अंजू सिंह के खातों में ट्रांसफर करवाई। यह रकम भारतीय स्टेट बैंक और फिनो बैंक के खातों में जमा हुई थी।

CG MNREGA Corruption: इस गड़बड़ी में तत्कालीन लेखापाल वीरेंद्र कुमार यादव और डाटा एंट्री ऑपरेटर भगवान सिंह की मिलीभगत सामने आई। जांच में पता चला कि वीरेंद्र के मोबाइल पर आने वाला ओटीपी (OTP), भगवान सिंह के जरिए उपयोग किया गया और धोखाधड़ी से राशि ट्रांसफर की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपियों ने कबूला जुर्म
EPF Money Transfer Fraud: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच टीम बनाई। छानबीन के बाद वीरेंद्र कुमार यादव को रामानुजगंज से और भगवान सिंह को छत्तीसगढ़-यूपी सीमा के पास फुली डूमर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज जब्त किए हैं। 29 जुलाई 2025 को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पत्नी ने निकाला पैसा, ATM जब्त
Balrampur Police Action: घोटाले की तीसरी आरोपी अंजू सिंह, जो भगवान सिंह की पत्नी है, के खातों में ही EPF की रकम भेजी गई थी। जांच में यह साफ हुआ कि उसने खुद एटीएम के जरिए इस रकम की निकासी की थी। 20 अगस्त को महिला पुलिस अधिकारियों की मदद से उसे घर से बुलाकर पूछताछ की गई।
Panchayat Fraud Chhattisgarh: पूछताछ के बाद उसका बैंक एटीएम कार्ड जब्त किया गया और उसे महिला कारागार अंबिकापुर भेजा गया। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ सबूत पुख्ता हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।
क्या है पूरा मामला?
- कुल गबन की राशि: ₹11,26,254
- अवधि: जून 2023 से जून 2025
- प्रमुख आरोपी: वीरेंद्र कुमार यादव (लेखापाल), भगवान सिंह (डाटा एंट्री ऑपरेटर), अंजू सिंह (भगवान सिंह की पत्नी)
- रकम ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल: मोबाइल ओटीपी और बैंक खातों का दुरुपयोग
- बैंक खाते: SBI और फिनो बैंक
- जब्त सामान: मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड
Panchayat Fraud Chhattisgarh: सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने की कोशिशों के बावजूद, जमीनी स्तर पर इस तरह की गड़बड़ियां आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। वाड्रफनगर में मनरेगा से जुड़े इस EPF घोटाले ने यह साफ कर दिया है कि अंदरूनी मिलीभगत और तकनीकी जानकारी का दुरुपयोग करके बड़े पैमाने पर गबन किया जा सकता है।
Wife Account EPF Fraud: हालांकि, इस बार प्रशासन की सतर्कता और त्वरित पुलिस कार्रवाई से आरोपियों को पकड़ लिया गया है, लेकिन यह मामला यह भी संकेत देता है कि सिस्टम की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है।



