CG Motivation Shayari: छत्तीसगढ़ी मोटिवेशनल शायरी, छत्तीसगढ़ी मा जिंदगी के हौसला बढ़ाये वाले बिचार

CG Motivation Shayari: छत्तीसगढ़ के माटी म जनमे हर मनखे के भीतरी म एक आग होथे। बस ओला जगाय बर जरूरत होथे सही बात, सही समय अउ सही शब्द के। अइसेच हम लइ आये हन CG मोटिवेशनल शायरी के कुछ चुनिंदा लाइन, जऊन ला पढ़के आप मन के मनोबल अउ आत्मविश्वास बढ़ जाही।

जिनगी अउ औकात के पहिचान

“जिनगी मा गिरना भी बने होथे, औकात के पता चलथे।
बढ़थे हाथ जब उठाये बर, ता अपने के पता चलथे।”

Chhattisgarhi Shayari: जब तक धरती म नइ गिरथस, तब तक उड़ई के कीमत नइ जान पाथस। जिनगी हर गिर के उठे के नाम आय।

मंजिल के पूछ नइ, इरादा देख

“मत पुछव मोर मंजिल कहाँ हे,
अभी तो सफ़र के सिर्फ इरादा करे हव।
कभू नई हारव हौसला अपन उमर भर,
एला कोई और से नहीं, खुद से वादा करे हव।”

Chhattisgarh Quotes: जब इरादा मजबूत रहिथे, त मंजिल खुद रस्ता बता देथे।

हार नई, हिम्मत ह सच्चा साथी

“कोशिश करे के बावजूद हो जाथे कभू हार,
होके निराश मत बैठहु ऐ यार।
बढ़त रहना हे आगू जईसे भी रहय मौसम,
पा लेथे मंजिल चाटी भी ह, गिर गिर के कई बार।”

Chhattisgarhi Motivation: संघर्ष म ही सफलता के बीज होथे।

हौसला से किस्मत बदले

“पानी ल बरफ म बदले म वक्त लगथे,
सूरज ल निकले बर वक्त लगथे।
अपन किस्मत ल तो हम बदल नई सकन,
लेकिन अपन हौसला से किस्मत बदले म वक्त लगथे।”

कभू घबराना नइ, हर अंधियार के बाद उजियार जरूर आथे।

सपना अउ लक्ष्य के बीच

“सपना अउ लक्ष्य मा एकेच अंतर हे,
सपना बर बिना मेहनत के नींद चाही,
फेर लक्ष्य बर बिना नींद के मेहनत।”

सपना देखव, फेर ओला पूरा करे बर रात दिन एक कर दे।

भीड़ म मुस्कुराना भी बहादुरी आय

“जिनगी बहुत सुग्घर हे,
कभू हसवाथे त कभू रुलाथे।
जेन ह जिनगी के भीड़ म खुश रहिथे,
जिनगी ओखरे आगू सर ल झुकाथे।”

खुश रहना, ये खुद म बड़का ताकत आय।

उड़ई बर हौसला जरूरी हे

“मंजिल ओही ल मिलथे,
जेखर सपना म जान होथे।
सिर्फ पाखी से कुछ नई होवय,
हौसला से ही उड़ान होथे।”

पंख हवय त उड़, नई हवय त हौसला बनाके उड़।

जमीन नई छोड़, तारा छू

“सामने रहय मंजिल त रास्ता झन मोड़ीहा,
जेन भी मन में हवय वो सपना ल मत तोड़ीहा।
पग पग म मिलही मुश्किल तोला,
बस तारा छुए बर अपन जमीन मत छोड़ीहा।”

जड़ मजबूत रहिथे, त ऊंचाई डरथस।

तलाश करव कुछ खास

“सुग्घर से सुग्घर के तलाश करव,
मिल जाहि नदियाँ त समुंदर के तलाश करव।
टूट जाथे कांच ह पथरा के चोट से,
टूट जावय पथरा अइसे कांच तलाश करव।”

जिनगी म हमेशा ओ चीज के तलाश करव, जऊन ल पाय के बाद आप खुद बदल जाथव।

CG Attitude Shayari: संगवारी मन, अपन मन बर ये शायरी ला पढ़के जोश भर गे होही, त दूसर मन तक जरूर पहुंचाव।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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