रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला ने ED कोर्ट में किया सरेंडर

रायपुर: CG Naan Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाले (NAN Scam) में बड़ा मोड़ आ गया है। रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला ने शनिवार को ईडी की विशेष कोर्ट में तीसरी बार सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उनका सरेंडर आवेदन स्वीकार कर लिया और ईडी ने उन्हें 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लेने की मांग की है। इस दौरान CRPF जवान सुरक्षा के लिए तैनात रहे।

अनिल टुटेजा की गिरफ्तारी भी तय

IAS Alok Shukla: सूत्रों के अनुसार, नान घोटाले के दूसरे बड़े आरोपी रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा के खिलाफ भी कार्रवाई तय है। ईडी ने उनके लिए प्रोडक्शन वारंट आवेदन किया है। वारंट मंजूर होने के बाद उन्हें भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत कार्रवाई

आलोक शुक्ला इससे पहले 18 और 19 सितंबर को भी कोर्ट में सरेंडर के लिए पहुंचे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उपलब्धता और वकीलों के अभाव में सरेंडर नहीं हो पाया था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी उपलब्ध होने के बाद उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट की प्रक्रिया के अनुसार, उन्हें पहले दो हफ्ते ईडी की कस्टडी में रखा जाएगा और उसके बाद दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।

नान घोटाला का बैकग्राउंड

नान घोटाला फरवरी 2015 में सामने आया था, जब एसीबी और ईओडब्ल्यू ने नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के 25 परिसरों पर छापे मारे। इस दौरान 3.64 करोड़ रुपये नकद जब्त हुए और चावल-नमक के नमूनों की जांच में घटिया गुणवत्ता पाई गई। आरोप है कि राइस मिलों से घटिया चावल लिया गया और इसके बदले करोड़ों रुपए की रिश्वत ली गई।

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई

आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को पहले हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने तय किया कि पहले दोनों अधिकारी ईडी की कस्टडी में रहेंगे और फिर न्यायिक हिरासत में भेजे जाएंगे।

राजनीतिक और प्रशासनिक असर

नान घोटाला सिर्फ एक आर्थिक और प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक पारदर्शिता की कसौटी भी बन गया है। विपक्ष लगातार सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार कह रही है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।

Also Read: छत्तीसगढ़ में पुलिस अधिकारियों को चूड़ी पहनाने की कोशिश, वीडियो वायरल

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button