
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी में एक हाई-प्रोफाइल चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेबीलॉन कैपिटल बिल्डिंग के सातवें माले पर स्थित एक दवा गोदाम से करीब 20 लाख रुपये की दवाइयां गायब हो गई हैं। यह गोदाम च्यवन आयुर्वेदा हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड का है। घटना का खुलासा तब हुआ जब स्टोर कीपर खगेंद्र साहू ने स्टॉक का मिलान किया। जांच में पता चला कि बड़ी मात्रा में कीमती दवाइयां रैक से नदारद हैं। हड़कंप मचने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शुरुआती जांच में पता चला है कि चोर ने किसी बाहरी औजार के बजाय डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर शटर खोला था।
सीसीटीवी ने खोला राज: दवा के कार्टन ले जाते दिखा पूर्व नौकर, एक अन्य साथी के साथ मिलकर रची पूरी साजिश
स्टोर कीपर खगेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह पिछले तीन सालों से इस फर्म में दवाओं की एंट्री और सप्लाई का काम देख रहा है। 4 जनवरी को जब उसने इन्वेंट्री की जांच की, तो दवाइयों का बड़ा हिस्सा कम मिला। इसके बाद गोदाम और बिल्डिंग के कॉरिडोर में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। फुटेज में गोदाम का ही एक पुराना कर्मचारी अपने एक अज्ञात साथी के साथ संदिग्ध तरीके से दवाइयों के डिब्बे बाहर ले जाते हुए साफ नजर आया। आरोपी को गोदाम के रास्तों और सुरक्षा की पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर उसने इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
डुप्लीकेट चाबी का हुआ इस्तेमाल: सुरक्षा में बड़ी चूक का उठाया फायदा, ऑफिस टाइम के बाद माल निकालने का है संदेह
आरोपियों ने बेहद शातिराना तरीके से इस काम को अंजाम दिया। गोदाम के ताले टूटे हुए नहीं मिले, जिससे साफ है कि पुराने कर्मचारी ने पहले से ही चाबियों का मिलान कर डुप्लीकेट चाबी बनवा ली थी। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने दफ्तर बंद होने के बाद या देर रात बिल्डिंग की सुरक्षा में सेंध लगाकर माल पार किया है। इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयों को बाहर ले जाने के लिए निश्चित तौर पर किसी वाहन का भी इस्तेमाल किया गया होगा। तेलीबांधा पुलिस अब बिल्डिंग के एंट्री गेट और पार्किंग क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस वाहन की पहचान की जा सके।
मार्केट में खपाने की थी तैयारी? पुलिस ने आरोपी की तलाश में बिछाया जाल
पुलिस ने फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि चोरी की गई इन दवाइयों को कहां खपाने की तैयारी थी। आमतौर पर ऐसी चोरियों में दवाओं को सस्ते दामों पर छोटे मेडिकल स्टोर या अन्य शहरों की एजेंसियों में बेचने की कोशिश की जाती है। रायपुर पुलिस ने आसपास के जिलों के दवा वितरकों को भी सतर्क कर दिया है ताकि संदिग्ध दवाओं की बिक्री की सूचना मिल सके।
सुरक्षा और स्टाफ वेरिफिकेशन पर सवाल
बेबीलॉन कैपिटल जैसी व्यावसायिक इमारत में हुई इस चोरी ने निजी गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला सबक है कि पुराने कर्मचारियों या काम छोड़ चुके स्टाफ पर भरोसा करना कितना महंगा पड़ सकता है। फिलहाल तेलीबांधा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चोरी की विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और चोरी हुआ माल बरामद कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद क्षेत्र के अन्य दवा व्यापारियों में भी अपनी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है।



