
रायपुर: छत्तीसगढ़ में भारतीय किसान संघ के बैनर तले हजारों किसानों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी के बूढ़ापारा धरनास्थल पर प्रदर्शन किया। किसानों के सीएम हाउस घेराव करने जाने से ठीक पहले, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव किसानों से मुलाकात करने धरनास्थल पहुँचे और उनकी मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।

33 जिलों के किसानों ने किया प्रदर्शन
भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री मुकेश चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही थी, जिसके चलते प्रदेश भर के 33 जिलों से हजारों किसान इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी किसानों की प्रमुख मांगों में हाफ बिजली बिल योजना को फिर से लागू करना और नहरों तथा जल की व्यवस्था को अंतिम गाँव तक पहुँचाना शामिल था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह और महासचिव नवीन शेष ने किया।

मंत्री ने दिया मांगों पर निर्णय लेने का भरोसा
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव किसानों से चर्चा के लिए धरनास्थल पहुँचे और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। मंत्री ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर किसानों को आश्वासन दिया:

- गन्ना किसानों का भुगतान: मंत्री ने वादा किया कि गन्ना किसानों की लंबित राशि का भुगतान जल्द ही कर दिया जाएगा।
- सिंचाई और जल व्यवस्था: भविष्य में किसानों का सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाएगा, और नहरों का पानी अंतिम गाँव तक पहुँचे, इसकी व्यवस्था की जाएगी।
- धान की कालाबाजारी: धान की कालाबाजारी बंद करने और सहकारी समितियों में भंडारण सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया गया।
‘आम आदमी पार्टी’ ने भी किया समर्थन
इस किसान आंदोलन को आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अपना समर्थन दिया। आप नेता विजय कुमार झा ने कहा कि प्रदेश के किसान यूरिया खाद की कमी, माहों कीड़ा के प्रकोप और लगातार हो रही वर्षा के कारण परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इन सब परिस्थितियों में किसानों के धान का उत्पादन निश्चित रूप से प्रभावित होगा।

छत्तीसगढ़ भारतीय किसान संघ की ये है 9 सूत्रीय मांग :
- घरेलू बिजली पर हाफ बिजली बिल योजना लागू की जाए और कृषि पंपों को 24 घंटे बिजली दी जाए.
- पिछले सरकार की धान बोनस की चौथी किश्त की राशि दीपावली के पहले भुगतान किया जाए.
- एग्रीस्टैक की विसंगतियों को दूर किया जाए, धान की राशि 3100 रुपए में बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य 186 रुपए जोड़ कर दिया जाए और धान खरीदी 1 नवंबर से 15 फरवरी तक की जाए.
- धान खरीदी में किसानों से 40 किलो 700 ग्राम धान से अधिक नहीं लिया जाना चाहिए. सभी समितियों में यह अनिवार्य रूप से बैनर के माध्यम से प्रदर्शित किया जाए.
- खाद की कालाबाजारी बंद हो इसके लिए सहकारी समितियों में भंडारण सुनिश्चित किया जाए.
- प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाए. नहरों के माध्यम से अपनी अंतिम गांव तक पानी पहुंचे.
- दलहन तिलहन की खेती पर 20 हजार रुपए का अनुदान दिया जाए. रवि में दलहन तिलहन और मक्का सूरजमुखी की खरीदी की जाए.
- कृषक उन्नति योजना में गन्ना फसल को जोड़ा जाए और गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए. गन्ना किसानों की बची हुई राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए.
- जैविक खेती में जो अनुदान भारत सरकार देती है उसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को जल्द प्रदान किया जाए.



