
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सामान्य वन विभाग ने टिम्बर माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध सागौन लकड़ी का बड़ा भंडार जब्त किया है। वन विभाग की टीम ने न्यू पुलिस लाइन के सामने और भट्टीपारा स्थित डेरी फार्म से छापेमारी कर लगभग छह घनमीटर अवैध सागौन लकड़ी बरामद की है। यह कार्रवाई उस स्थान पर हुई है, जिसे सुरक्षित माना जाता है, जिससे विभागीय मिलीभगत की संभावना पर भी गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

पुलिस लाइन के ठीक सामने अवैध लकड़ी का जखीरा
वन विभाग को लंबे समय से इस इलाके में अवैध लकड़ी तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि लकड़ी का यह बड़ा जखीरा जिला पुलिस लाइन के सामने से जब्त किया गया।
- मिलीभगत की आशंका: स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इतने सुरक्षित क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी का भंडारण बिना वन अमले की जानकारी के संभव नहीं है। इससे रेंजर, बीट गार्ड और अन्य अधिकारियों की साठगांठ की आशंका जताई जा रही है।
DFO के निर्देश पर हुई कार्रवाई, कई फर्नीचर दुकानें भी निशाने पर
वन मंडलाधिकारी (DFO) एन. रंगनाथन ने बताया कि रविवार देर रात विभाग को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद दो टीमें मौके पर भेजी गईं और सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू की गई।
- जांच जारी: जब्त की गई लगभग छह घनमीटर सागौन लकड़ी का माप और मूल्यांकन किया जा रहा है। जांच के बाद पता चलेगा कि यह लकड़ी कहाँ से लाई गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
- फर्नीचर मार्ट्स पर छापेमारी: इस कार्रवाई के बाद वन विभाग ने बीजापुर के कई फर्नीचर मार्ट्स पर भी तलाशी अभियान शुरू किया है। विभाग का लक्ष्य बरामद लकड़ी के तार व्यापारियों और ठेकेदारों से जोड़ना है, ताकि बड़े माफिया तक पहुँचा जा सके।

बीजापुर में अवैध लकड़ी पकड़े जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन इस ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर विभागीय मिलीभगत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



