
धमतरी: धमतरी पुलिस ने ग्राम करगा एवं चटौद पुल के पास हुई हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है।
पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में गांव के ही तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि मामूली गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद हत्या में बदल गया।
21 अक्टूबर की रात से 22 अक्टूबर की सुबह के बीच हुई थी हत्या
21 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे से लेकर 22 अक्टूबर की सुबह 8 बजे के बीच, ग्राम करगा और चटौद पुल के नीचे मनीष कुमार बया उर्फ मिथलेश (26 वर्ष), पिता किशन राम, निवासी ग्राम करगा, मृत अवस्था में अपनी मोटरसाइकिल के साथ पाया गया। सूचक गिरीश कुमार महार की रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 194 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर शव पंचनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में यह पाया गया कि मौत “हत्यात्मक (homicidal in nature)” थी, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ की।

पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान मृतक के परिजनों एवं गवाहों योगराज साहू और हेमंत साहू के बयानों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी होमेश कुमार साहू को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि 21 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे वह अपने दोस्त चाहत यादव के साथ मनीष को शराब पिलाने के बहाने चटौद–करगा नाला पुल के पास ले गया था। शराब पीते समय मनीष द्वारा गाली-गलौज करने पर विवाद हुआ, जिसके बाद
- होमेश साहू ने गमछे से मनीष की आंख और गले को बांधकर दबाया
- सिर पर कई बार प्रहार किया
- फिर दोनों आरोपियों ने मनीष को पुल से नीचे फेंक दिया
जब यह आशंका हुई कि मनीष अभी जीवित है, तो होमेश नीचे जाकर पत्थरों से उसके सिर और चेहरे पर वार कर हत्या कर दी।
सबूत नष्ट करने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी होमेश और चाहत यादव ने मृतक की मोटरसाइकिल और चाबी पुल से नीचे फेंक दी।
उन्होंने गवाहों योगराज और हेमंत साहू को फोन कर घटना की जानकारी दी। बाद में आरोपी ने अपने खून लगे कपड़े और गमछा छिपा दिए तथा मृतक का मोबाइल झाड़ियों में फेंक दिया। अगले दिन आरोपी ने अपने रिश्तेदार मनीष कुमार साहू को घटना बताई और खून लगे कपड़े व मोबाइल जलाने के लिए कहा। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कपड़े, गमछा और अधजला मोबाइल बरामद किया। जांच में यह पुष्टि हुई कि मनीष साहू ने साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की, जिसके चलते प्रकरण में धारा 238 और 3(5) बीएनएस जोड़ी गई।
आरोपियों के नाम और विवरण
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
- होमेश कुमार साहू (19 वर्ष) – पिता डेमन लाल साहू
- चाहत यादव (19 वर्ष) – पिता अमर सिंह यादव
- मनीष कुमार साहू (21 वर्ष) – पिता इन्द्रमन साहू
तीनों आरोपी ग्राम करगा, चौकी बिरेझर, थाना कुरूद, जिला धमतरी के निवासी हैं।
इनके खिलाफ धारा 103(1), 238, 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
हत्या का कारण: पुरानी रंजिश और गाली-गलौज से उपजा विवाद
एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि मृतक मनीष कुमार उर्फ मिथलेश और आरोपी होमेश कुमार साहू के बीच पहले से विवाद चल रहा था। रायपुर से त्यौहार के समय वापस लौटने पर मनीष ने आरोपी से झगड़ा किया था और गाली-गलौज की थी। 21 अक्टूबर की रात जब दोनों की फिर मुलाकात पुल के पास हुई, तो पुराना विवाद दोबारा भड़क उठा और गाली-गलौज के दौरान होमेश ने गुस्से में आकर हत्या कर दी।
एफएसएल और सायबर टीम ने निभाई अहम भूमिका
धमतरी पुलिस द्वारा इस गंभीर हत्या कांड के त्वरित खुलासे में
- सायबर टीम,
- एफएसएल टीम,
- चौकी बिरेझर पुलिस,
- थाना कुरूद स्टाफ और
- जांच दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अब माकरदोना हत्याकांड के खुलासे का इंतजार
पुलिस ने बताया कि अब अगला लक्ष्य केरेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम माकरदोना में हुई हत्या के मामले का खुलासा करना है, जिसके लिए जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
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