कांग्रेस ने किया आदिवासी सलाहकार परिषद का ऐलान, जेल में बंद कवासी लखमा को मिली जगह

रायपुर: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस कमेटी के लिए एक नई सलाहकार परिषद का गठन किया है। इस महत्वपूर्ण परिषद में छत्तीसगढ़ के 8 वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह है कि बीते आठ महीनों से न्यायिक हिरासत (जेल) में बंद विधायक और पूर्व मंत्री कवासी लखमा का नाम भी इस सूची में शामिल है, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

छत्तीसगढ़ के इन 8 नेताओं को मिली जगह

AICC द्वारा गठित सलाहकार परिषद में छत्तीसगढ़ से जिन 8 प्रमुख आदिवासी नेताओं को जगह दी गई है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • दीपक बैज
  • फूलो देवी नेताम
  • मोहन मरकाम
  • प्रेम साय सिंह टेकाम
  • अमरजीत भगत
  • रामपुकार सिंह
  • खेल साय
  • कवासी लखमा

परिषद की भूमिका और कांग्रेस की रणनीति

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस सलाहकार परिषद का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस की आदिवासी इकाई को सशक्त बनाना और जमीनी मुद्दों को प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना है। कांग्रेस का मानना है कि यह परिषद आदिवासी समुदायों से जुड़े सामाजिक, राजनीतिक और विकासात्मक विषयों पर नीति निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

छत्तीसगढ़ से इतने अधिक नेताओं को शामिल किया जाना राज्य में पार्टी के आदिवासी जनाधार को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी इस कदम से आदिवासी समाज के बीच अपनी पकड़ और विश्वास को बनाए रखना चाहती है।

कवासी लखमा का नाम बना चर्चा का विषय

सलाहकार परिषद में कवासी लखमा का नाम शामिल होना सबसे ज्यादा चर्चा में है। वह पिछले आठ महीनों से एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में, पार्टी द्वारा उन्हें राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में जगह देना, छत्तीसगढ़ के आदिवासी वोट बैंक और उनके राजनीतिक कद को बनाए रखने की कांग्रेस की मजबूत मंशा को दर्शाता है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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