
छत्तीसगढ़ सरकार ने एमडी (MD) और एमएस (MS) कोर्स के पोस्ट ग्रेजुएट (PG) प्रवेश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इन नए नियमों का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं को मिलेगा, जिन्हें अब पीजी सीटों पर प्राथमिकता दी जाएगी। नए नियमों के तहत 50% सीटें राज्य के स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखी जाएंगी।
NRI सीटों पर मनमानी रुकी, अब रैंक से मिलेगा प्रवेश
नए प्रवेश नियमों में सबसे बड़ा बदलाव एनआरआई (NRI) कोटे की सीटों को लेकर किया गया है। जूडो के अध्यक्ष डॉ. रेशम ने इन बदलावों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अब एनआरआई सीटों में मनमानी रुकेगी। पहले इन सीटों को कथित तौर पर बड़ी रकम (एक करोड़ या दो करोड़) में बेचा जाता था, जिस पर अब लगाम लगेगी। नए नियम से अब इस कोटे में भी रैंक के माध्यम से स्थानीय युवा प्रवेश ले सकते हैं।
एम्स छात्रों की ‘पैराशूट लैंडिंग’ पर रोक
सरकार ने एम्स रायपुर के छात्रों को स्टेट कोटा से बाहर कर दिया है, जिससे ‘पैराशूट लैंडिंग’ पर रोक लगेगी। डॉ. रेशम ने बताया कि राज्य के मेडिकल कॉलेज से यूजी (UG) और पीजी (PG) करने वाले डॉक्टरों को चार साल का बॉन्ड पूरा करना होता है, जबकि एम्स के छात्र सीधा पैराशूट लैंडिंग करके जूनियर भी सीनियर बन जाते थे। इस विसंगति को अब नए नियमों के जरिए खत्म कर दिया गया है।
हर राउंड में रजिस्ट्रेशन और अपग्रेडेशन की सुविधा
नए नियमों के तहत अभ्यर्थियों को काउंसलिंग में हर राउंड में रजिस्ट्रेशन का मौका दिया जाएगा। साथ ही, ऑल इंडिया कोटे की तर्ज पर उम्मीदवारों को अपग्रेडेशन का चयन करने की भी अनुमति रहेगी। यह सुविधा छात्रों को अपने पसंदीदा कॉलेज या कोर्स में जाने का बेहतर विकल्प प्रदान करेगी। नए नियम छत्तीसगढ़ के राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं।
सीट छोड़ने पर अगले साल परीक्षा से बाहर
नियमों में सख्ती लाते हुए यह भी तय किया गया है कि यदि कोई अभ्यर्थी एक्सटेंडेड मॉप अप राउंड (Extended Mop Up Round) में सीट लेता है और उसे ज्वाइन नहीं करता है, तो उसे अगले शैक्षणिक वर्ष की परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा। यह नियम छात्रों को गंभीरता से काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने और सीटों को अंतिम समय पर छोड़ने से रोकने के लिए लाया गया है।



