Cyber ​​Crime: शातिर ठगों ने भाजपा विधायक को IB अधिकारी बताकर ठगने की कोशिश, कॉल कर बोले- पहलगाम आतंकी हमले में तुम्हारी संलिप्तता है…

रायपुर: साइबर ठग लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला रायपुर से आया है, जहाँ एक शातिर ठग ने भाजपा विधायक सुनील सोनी को फोन कर खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अधिकारी बताकर ठगने की कोशिश की। विधायक सोनी ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत एसपी से की है, जिसके बाद साइबर सेल मामले की जांच में जुट गई है।

पहलगाम आतंकी हमले में संलिप्तता बताकर डराया

BJP MLA Sunil Soni: विधायक सुनील सोनी ने बताया कि शातिर ठग ने उन्हें फोन करके कहा कि उनका नंबर पहलगाम (कश्मीर) में हुए आतंकी हमले की जांच में ट्रेस हुआ है और इसी नंबर से हमले को लेकर कई कॉल किए गए हैं। ठग ने उनसे बातचीत करते हुए दिल्ली आईबी ऑफिस पूछताछ के लिए आने की बात कही। जब विधायक सोनी ने खुद का परिचय देते हुए भारतीय जनता पार्टी का विधायक होना बताया, तो शातिर ठग ने साफ कह दिया कि “कोई भी हो, घटना में तुम्हारी संलिप्तता पाई गई है।”

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर फंसाने की साजिश

सुनील सोनी ने कहा कि इस तरह की बातचीत से किसी भी आम नागरिक को डराया जा सकता है और इसी तरीके से आम जनता शातिर ठगों के झांसे में आकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी घटनाओं में फँस जाती है। विधायक सोनी ने बताया कि ठग की बातचीत से उन्हें तुरंत समझ आ गया था कि यह एक फ्रॉड कॉल है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह और साइबर सेल के अफसरों को दी। प्रारंभिक जाँच में ठग का नंबर गुड़गाँव तरफ का बताया जा रहा है।

SSP ने दिए जांच के निर्देश, आम जनता से सतर्क रहने की अपील

विधायक सोनी ने रायपुर पुलिस से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है, क्योंकि ऐसी धोखाधड़ी की घटनाएँ किसी भी आम नागरिक के साथ हो सकती हैं। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा है कि साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। विधायक सोनी ने आम जनता से भी जागरूक रहने और ऐसी घटनाओं से सुरक्षित रहने की अपील की है।

साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता है ज़रूरी

यह घटना दर्शाती है कि साइबर ठग अब सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बनाने से नहीं हिचक रहे हैं। आम नागरिकों को ऐसे किसी भी अज्ञात कॉल से सतर्क रहना चाहिए, जिसमें जांच या संलिप्तता का डर दिखाकर पैसे या व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाए। किसी भी सरकारी अधिकारी को फोन पर व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी देने की आवश्यकता नहीं होती है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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