
रायपुर: CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन करवाने से चूक गए किसानों को विष्णु देव साय सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को देखते हुए एक सप्ताह के लिए फिर से पंजीयन विंडो खोल दी है। अब किसान 19 नवंबर से 25 नवंबर तक तहसील कार्यालयों में जाकर आसानी से नवीन पंजीकरण और रकबा संशोधन (खेत के क्षेत्रफल में सुधार) करवा सकेंगे।
15 नवंबर को शुरू हो चुकी है धान खरीदी
छत्तीसगढ़ सरकार ने 15 नवंबर से ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू कर दी है। वर्तमान में धान की खरीदी केवल उन्हीं किसानों से की जा रही है, जिनका नाम समितियों में पंजीकृत है। धान बेचने के लिए हजारों किसान विभिन्न कारणों से पहले पंजीयन करवाने से चूक गए थे, जिसके कारण वे समर्थन मूल्य का लाभ लेने से वंचित रह जाते।
किसानों की मांग पर सरकार ने खोला दोबारा पंजीयन
पंजीयन से वंचित रह गए किसानों को औने–पौने दाम में अपनी उपज बेचनी पड़ती थी। इसे देखते हुए विभिन्न जिलों के खाद्य अधिकारियों ने भी शासन को पत्र लिखकर पंजीयन दोबारा शुरू करने की मांग की थी। किसानों और अधिकारियों की लगातार मांगों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने नवीन पंजीयन और रकबा संशोधन के लिए दोबारा मौका दिया है।
तहसील कार्यालयों में एक सप्ताह तक होगा पंजीकरण
राज्य सरकार ने किसानों के लिए 19 नवंबर से 25 नवंबर तक की समय सीमा निर्धारित की है। इस दौरान किसान अपने संबंधित तहसील कार्यालयों में जाकर पंजीयन करा सकते हैं।
कृषि विभाग एवं किसान विकास विभाग के उपसचिव विकास मिश्रा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में तहसील लॉगइन में एकीकृत किसान पोर्टल पर कैरी फॉरवर्ड, एकीकृत किसान नवीन पंजीयन, तथा फसल रकबा संशोधन की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
शेष, डुबान प्रभावित और वन पट्टाधारी किसानों को लाभ
पंजीयन फिर से शुरू होने से न केवल सामान्य कृषक जो चूक गए थे, उन्हें लाभ मिलेगा, बल्कि डुबान प्रभावित क्षेत्रों के किसान और वन पट्टाधारी किसानों के लिए भी पंजीयन के द्वार खुल गए हैं।
इस नए आदेश से किसानों को बड़ी राहत मिली है और तहसीलों में भीड़ बढ़ गई है। किसानों की सुविधा एवं पंजीयन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए तहसीलों में ऑपरेटर भी नियुक्त किए गए हैं।
किसान 25 नवंबर तक करा सकते हैं अंतिम पंजीयन
समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए यह पंजीयन का अंतिम मौका है। किसान 25 नवंबर तक हर हाल में अपने दस्तावेज लेकर तहसील कार्यालय में पहुँचकर अपना नवीन पंजीयन या रकबा संशोधन करवा सकते हैं, ताकि वे समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचकर सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।



