
12 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की घोषणा के बाद, ताबड़तोड़ काम में लगे बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा ऐलान किया है। आयोग ने शनिवार को एक विज्ञप्ति जारी कर BLO की वार्षिक सैलरी को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया है, यानी उनके पारिश्रमिक को सीधा दोगुना कर दिया गया है। आयोग का कहना है कि यह वृद्धि लोकतंत्र की आधारशिला माने जाने वाली शुद्ध मतदाता सूचियाँ तैयार करने में BLOs की कड़ी मेहनत और महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए की गई है।
पर्यवेक्षकों और अधिकारियों को भी बंपर मानदेय
चुनाव आयोग ने बीएलओ पर्यवेक्षकों के मानदेय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की है। बीएलओ पर्यवेक्षकों की सैलरी को 12,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये करने की घोषणा की गई है। इसके अतिरिक्त, पहली बार निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (AERO) को भी मानदेय देने का निर्णय लिया गया है। ERO को 25,000 रुपये और AERO को 30,000 रुपये मानदेय देने की घोषणा की गई है।
प्रोत्साहन राशि भी बढ़ाई गई
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के संशोधन कार्य के लिए BLOs को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में भी इज़ाफा किया है। पहले जहाँ इस काम के लिए BLOs को 1,000 रुपये मिलते थे, अब उन्हें बढ़ाकर 2,000 रुपये दिए जाएंगे। आयोग ने बताया कि मतदाता सूची तंत्र निष्पक्ष और पारदर्शी सूचियाँ तैयार करने में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए उनके कार्य को सम्मान देना आवश्यक था।
लोकतंत्र की आधारशिला को मजबूती
चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सूची तंत्र, जिसमें ERO, AERO, बीएलओ पर्यवेक्षक और BLO शामिल हैं, कड़ी मेहनत करते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि शुद्ध मतदाता सूचियाँ ही लोकतंत्र की आधारशिला हैं। यह आखिरी बार 2015 में संशोधित किया गया था, और अब यह वृद्धि 9 साल बाद की गई है। आयोग के इस कदम से मतदाता सूची की तैयारी एवं संशोधन में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
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