
रायपुर: राजधानी रायपुर में सूदखोरी के आरोपी तोमर बंधु (रोहित तोमर और वीरेंद्र सिंह तोमर) से जुड़े मामले को लेकर आज राजपूत करणी सेना महापंचायत का आयोजन करने वाली है। इस महापंचायत में शामिल होने के लिए करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता अलग-अलग जिलों से रायपुर पहुँचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। मुंगेली, बिलासपुर और सिमगा से आने वाली 15 से अधिक बसों और 17 चार पहिया गाड़ियों को रोकने की खबर है। पुलिस ने करणी सेना के कुछ पदाधिकारियों को थाने में बिठाया है, जबकि 500 से अधिक सदस्यों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है।

तोमर परिवार की प्रताड़ना पर TI-CSP के खिलाफ FIR की मांग
करणी सेना ने इस मामले में थाना प्रभारी (TI) और सीएसपी (CSP) सहित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में थाना प्रभारी योगेश कश्यप को तत्काल निलंबित कर आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज करने की मांग शामिल है। आरोप है कि TI ने रोहित तोमर की पत्नी भावना तोमर के साथ कस्टडी में अश्लील हरकतें की हैं। साथ ही, करणी सेना ने संबंधित सीएसपी राजेश देवांगन को निलंबित कर उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की मांग की है। एसपी लाल उम्मेद सिंह को भी पदमुक्त करने और उन पर कानूनी अभियोग पंजीकृत करने की मांग की गई है, क्योंकि आरोप है कि उनके नेतृत्व में ही यह मानसिक/शारीरिक उत्पीड़न हुआ।

बीच सड़क पर अपमान करने वाले पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की मांग
करणी सेना की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग वीरेंद्र सिंह तोमर के साथ हुई मारपीट और अपमान से जुड़ी है। संगठन ने उन सभी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित करने और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है, जिन्होंने वीरेंद्र सिंह तोमर के साथ मारपीट की, उन्हें सड़क पर घसीटा, और बीच सड़क पर उनके शरीर पर जूता रखकर राजपूत समाज का अपमान किया। करणी सेना ने मानवाधिकार और संविधान की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। प्रदर्शन में करणी सेना की महिला सदस्य और स्वयं तोमर बंधुओं की पत्नी भी शामिल हुई हैं।
झूठे मुकदमों को रद्द करने और मुआवजे की मांग
करणी सेना ने मांग की है कि क्षत्रिय करणी सेना के पदाधिकारियों पर आधारहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताए जा रहे झूठे प्रकरणों को तत्काल निरस्त किया जाए। इसके साथ ही, संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत पर हुई FIR को भी रद्द करने की मांग की गई है। संगठन ने तोमर परिवार को हुए आर्थिक और मानसिक नुकसान के लिए मानहानि का मुकदमा दर्ज कर, इसकी भरपाई संबंधित अधिकारियों से करने की मांग की है। पूरी घटना की निष्पक्ष जाँच के लिए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच टीम के गठन की भी मांग की गई है।



