
छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था संभालने वाले पुलिस जवानों की सेहत के साथ सरकारी सिस्टम भद्दा मजाक कर रहा है। प्रदेश के कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल को रोजाना की पौष्टिक खुराक के लिए सरकार मात्र सवा तीन रुपये देती है। आज के समय में इस राशि में 50 ग्राम दूध भी नहीं आता, लेकिन जवानों से उम्मीद की जाती है कि वे इसी ‘डाइट प्लान’ के भरोसे अपराधियों के पीछे दौड़ लगाएं। वर्तमान में इन जवानों को महीने का कुल 100 रुपये पौष्टिक आहार भत्ता मिलता है, जो महंगाई के इस दौर में नाममात्र भी नहीं है।
वर्दी की चमक के लिए दिन के खर्च मात्र दो रुपये
जवानों की फिटनेस के अलावा उनकी वर्दी के रखरखाव को लेकर भी हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं। एक पुलिसकर्मी को अपनी वर्दी धोने और उसे प्रेस करवाकर चमकता हुआ रखने के लिए सरकार रोजाना सिर्फ 2 रुपये का भत्ता देती है। महीने भर का यह वर्दी धुलाई भत्ता केवल 60 रुपये होता है। पुलिस महकमे के सबसे निचले और महत्वपूर्ण स्तर पर तैनात इन कर्मचारियों के लिए भत्तों की यह सूची काफी लंबी है, लेकिन बुनियादी जरूरतों के लिए मिलने वाली राशि बेहद कम है।
भत्ते बढ़ाने के लिए पीएचक्यू ने बनाई विशेष कमेटी
पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने जवानों की इस दयनीय स्थिति को देखते हुए सुधार की पहल की थी। इसके लिए एडीजी एसपी कल्लूरी की अध्यक्षता में छह अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई। इस कमेटी ने फरवरी से जून 2025 के बीच कई दौर की बैठकें कीं और मौजूदा भत्तों का बारीकी से अध्ययन किया। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि पुराने पड़ चुके इन भत्तों को तत्काल रिवाइज करने की जरूरत है ताकि जवानों का मनोबल बना रहे।
ये बनी पुलिस अधिकारियों की कमेटी
- एडीजी,कल्याण- अध्यक्ष
- आईजी,योजना- सदस्य
- आईजी,सशस्त्र बल- सदस्य
- वित्त नियंत्रक, पीएचक्यू- सदस्य
- एआईजी, विशेष शाखा,पीएचक्यू- सदस्य
- एआईजी, लेखा- सदस्य
पांच महीने तक कमेटी की बैठकें…
- 25 फरवरी 2025
- 24 मार्च 2025
- 9 अप्रैल 2025
- 6 मई 2025
- 19 जून 2025
कमेटी की सरकार को सिफारिश…
- पौष्टिक आहार भत्ता 100 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए
- .वर्दी धुलाई भत्ता 60 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए
- रायफल भत्ता आरक्षक 200 रुपए और प्रधान आरक्षक 300 रुपए को बढ़ाकर 1000 रुपए
- राशन भत्ता 2000 रुपए को यथावत।
- निश्चित यात्रा भत्ता 75 एवं 100 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए
- वाहन भत्ता 100 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए
- वर्दी भत्ता 800 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपए, हर तीन महीने में
मंत्रालय में महीनों से धूल फांक रही सिफारिशों की फाइल
कमेटी ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें शासन को सौंप दी हैं, लेकिन पिछले छह महीनों से यह फाइल मंत्रालय के गलियारों में अटकी हुई है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्वीकार किया है कि उन्हें सिफारिशें मिल चुकी हैं, लेकिन इन्हें कब लागू किया जाएगा, इसकी कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं है। सरकार एक तरफ जनकल्याणकारी योजनाओं और मुफ्त सुविधाओं पर करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था की मुख्य कड़ी माने जाने वाले जवानों के आहार भत्ते को 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव लंबित पड़ा है।
कमेटी द्वारा भत्तों में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव
कमेटी ने सुझाव दिया है कि अलग-अलग छोटे भत्तों को बढ़ाने के बजाय सभी को मिलाकर एकमुश्त राशि दी जानी चाहिए। यदि सरकार इन सिफारिशों को मान लेती है, तो कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के पुलिसकर्मियों के वेतन में सीधे तौर पर इजाफा होगा।
कमेटी की मुख्य सिफारिशें इस प्रकार हैं:
- पौष्टिक आहार भत्ता: 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करना।
- वर्दी धुलाई भत्ता: 60 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करना।
- वाहन भत्ता: 100 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करना।
- राइफल भत्ता: इसे भी बढ़ाकर 1000 रुपये करने का सुझाव।
- एकमुश्त विकल्प: सभी भत्तों को समाप्त कर सीधे 5000 रुपये महीना भुगतान करना।



