
रायपुर: छत्तीसगढ़ के नर्सिंग कॉलेजों में खाली पड़ी सीटों को देखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अब बीएससी नर्सिंग में उन छात्रों को भी प्रवेश मिल सकेगा, जिन्होंने कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) में केवल 10 परसेंटाइल या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं। भारतीय उपचर्या परिषद (INC) नई दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद राज्य सरकार ने पात्रता मानदंडों में यह बड़ी शिथिलता दी है। पहले प्रवेश के लिए अधिक अंकों की अनिवार्यता थी, लेकिन कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाने के कारण विभाग ने नियमों में बदलाव किया है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाई का अवसर मिल सके।
31 दिसंबर है अंतिम मौका: साल बचाने के लिए छात्रों के पास केवल दो दिन का समय
शासन द्वारा दी गई यह छूट केवल इसी शैक्षणिक सत्र के लिए लागू होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई है। जिन अभ्यर्थियों ने प्रवेश परीक्षा दी थी और जिनके अंक कम होने की वजह से वे पहले अपात्र हो गए थे, वे अब इस नए नियम के तहत रिक्त सीटों पर अपना दावा पेश कर सकते हैं। समय की कमी को देखते हुए विभाग ने सभी सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों को निर्देशित किया है कि वे योग्य उम्मीदवारों का दाखिला प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें।
नर्सिंग प्रवेश नियम 2019 में संशोधन: तकनीकी बाधाओं को दूर कर जारी हुए नए निर्देश
विभाग ने यह आदेश छत्तीसगढ़ नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रवेश नियम 2019 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किया है। इस रियायत का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग के क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी को दूर करना और संस्थानों की रिक्त सीटों का सही उपयोग करना है। सभी नर्सिंग कॉलेजों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वे काउंसलिंग और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को समय रहते पूरा कर लें। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने संबंधित दस्तावेजों के साथ तुरंत कॉलेजों से संपर्क करें, क्योंकि 31 दिसंबर के बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश स्वीकार नहीं किए जाएंगे।



