
मुंगेली जिले के बामपारा इलाके में रहने वाले नरेश साहू नाम के युवक ने अपने घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नरेश साहू एक हिंदू संगठन से जुड़ा हुआ था और क्षेत्र में सक्रिय रहता था। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में मामला तनाव और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा हुआ नजर आ रहा है।
सुसाइड नोट की जगह वीडियो: मरने से पहले रिकॉर्ड किया अपना दर्द
नरेश ने जान देने से ठीक पहले एक वीडियो बनाया और उसे सार्वजनिक कर दिया। इस वीडियो में उसने अपनी मौत के लिए एक मुस्लिम युवक को जिम्मेदार ठहराया है। नरेश का आरोप था कि उसे काफी समय से मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा था। वीडियो में युवक ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उसे डराया-धमकाया जा रहा था जिससे वह बेहद दबाव में था। अब यही वीडियो पुलिस के लिए सबसे बड़ा सबूत बन गया है जिसके आधार पर आगे की तफ्तीश की जा रही है।
विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है कड़ी: बांग्लादेश हिंसा के बाद शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि इस पूरे विवाद की जड़ कुछ समय पहले हुआ एक विरोध प्रदर्शन है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों के विरोध में स्थानीय हिंदू संगठनों ने पुतला दहन किया था। नरेश साहू ने भी इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। आरोप है कि इसी प्रदर्शन के बाद से ही उसे निशाना बनाया जाने लगा और लगातार परेशान किया जा रहा था। परिजनों और संगठन के साथियों का कहना है कि नरेश इसी प्रताड़ना के कारण खौफ में था और अंत में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
देखिये वीडियो-
थाने का घेराव: आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने की आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
नरेश की मौत की खबर फैलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भारी संख्या में इकट्ठा हो गए और कोतवाली थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। स्थिति को भांपते हुए थाने के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।



