
बिलासपुर: न्यायधानी के मोपका कुटीपारा स्थित 220 केवी विद्युत सब स्टेशन में मंगलवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि उसकी ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से ही साफ नजर आ रहा था। सब स्टेशन के भीतर से उठते धुएं को देखकर आसपास के रहवासियों में हड़कंप मच गया और लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे प्लांट की बिजली सप्लाई बंद कर दी। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को भी मोर्चा संभालना पड़ा।
अरपापार के कई इलाकों में ब्लैकआउट: आग लगते ही काटी गई बिजली, घंटों ठप रही सप्लाई
सब स्टेशन में आग लगने का सीधा असर शहर की बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। एहतियात के तौर पर पावर कट किए जाने के कारण अरपापार क्षेत्र सहित बिलासपुर के कई प्रमुख मोहल्लों में पूरी तरह ब्लैकआउट हो गया। अचानक हुई बिजली गुल से हजारों घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कामकाज ठप पड़ गया। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक आग पूरी तरह ठंडी नहीं हो जाती और तकनीकी जांच पूरी नहीं होती, तब तक इन इलाकों में बिजली बहाल करना खतरनाक हो सकता है। भीषण गर्मी या शाम के समय ऐसी कटौती से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
घंटों की मशक्कत के बाद काबू पाने की कोशिश, शॉर्ट सर्किट की आशंका
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड की टीम फोम और पानी की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी हुई है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। सब स्टेशन के भीतर लगे तेल से भरे ट्रांसफार्मरों ने आग को और तेजी से भड़का दिया, जिससे दमकल कर्मियों को भीतर घुसने में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। फिलहाल विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर और अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
तकनीकी उपकरणों को भारी नुकसान: करोड़ों के नुकसान का अनुमान, किसी के हताहत होने की खबर नहीं
राहत की बात यह है कि इस हादसे में अभी तक किसी भी कर्मचारी या आम नागरिक के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, आग की तीव्रता को देखते हुए सब स्टेशन के कीमती तकनीकी उपकरणों और पैनल बोर्ड को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो यह नुकसान करोड़ों में हो सकता है। बिजली कंपनी के विशेषज्ञों की एक टीम आग बुझने के बाद उपकरणों की जांच करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन से हिस्से को बदला जाना है और बिजली सप्लाई दोबारा कब तक शुरू की जा सकती है।
प्रशासन की पैनी नजर: स्थिति नियंत्रण में होने का दावा, वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार
जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारी लगातार घटनास्थल के संपर्क में हैं। अधिकारियों ने जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक लाइनों के माध्यम से बिजली आपूर्ति शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और उसे फैलने से रोकने की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
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