
8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हजारों कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने राहत भरी खबर दी है। वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों (PSGICs) और नाबार्ड के कर्मचारियों के वेतन में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से करीब 46,322 कार्यरत कर्मचारियों के साथ-साथ 23,000 से अधिक पेंशनभोगियों को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार के इस कदम से कर्मचारियों के मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) में कुल 14 प्रतिशत की सीधी वृद्धि दर्ज की गई है। यह नया वेतनमान 1 अगस्त 2022 से प्रभावी माना जाएगा जिसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले बकाये (Arrears) का मोटा पैसा भी मिलेगा।
एनपीएस में इजाफा और बजट का पूरा ब्यौरा
सरकार ने वेतन बढ़ाने के साथ ही कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा घेरे को भी मजबूत किया है। 1 अप्रैल 2010 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में सरकार का योगदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। इस पूरे संशोधन से सरकारी खजाने पर करीब 8,170 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। लाभ पाने वालों की सूची और बजट का विवरण इस प्रकार है:
- कुल लाभार्थी: 46,322 कर्मचारी और 46,830 पेंशनभोगी (फैमिली पेंशनर्स सहित)
- वेतन खर्च में वृद्धि: कुल खर्च में 12.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी
- बकाया राशि (Arrears): बकाया मद में 5,822.68 करोड़ रुपये का भुगतान
- पेंशन फंड: पारिवारिक पेंशन के लिए 2,097.47 करोड़ रुपये आवंटित
- NPS योगदान: कर्मचारियों के एनपीएस फंड के लिए 250.15 करोड़ रुपये सुरक्षित



