
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन यानी बिहान में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। योजना के संचालन से जुड़ी एक पीआरपी पर लाखों रुपये की हेराफेरी का आरोप है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बिना जानकारी खाते से निकाले गए 21.40 लाख रुपये
शिकायत के मुताबिक, योजना से जुड़े ग्राम संगठन के बैंक खाते से गुपचुप तरीके से 21.40 लाख रुपये निकाल लिए गए। यह रकम संगठन के सदस्यों की जानकारी और अनुमति के बिना निकाली गई। बताया गया है कि कुल फर्जीवाड़ा करीब 28 लाख रुपये का है, जिसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।
ढाई साल पुराना मामला, कार्रवाई अब तक नहीं
इस पूरे फर्जीवाड़े को लगभग ढाई साल बीत चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि होने के बावजूद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। चर्चा है कि कार्रवाई नहीं होने के कारण फर्जीवाड़े की रकम और बढ़ी हो सकती है।
जांच रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि
शिकायत के बाद गठित जांच समिति ने मामले की जांच की थी। जांच रिपोर्ट में पीआरपी जसवंती एक्का के खिलाफ वित्तीय अनियमितता साफ तौर पर प्रमाणित पाई गई। इसके बावजूद न तो विभागीय कार्रवाई हुई और न ही कानूनी कदम उठाए गए। आरोपी कर्मचारी अब भी अपने पद पर बनी हुई है।

पदस्थापना में नियमों का उल्लंघन
शिकायत में यह भी सामने आया है कि पीआरपी की पदस्थापना नियमों के खिलाफ की गई। नियम के अनुसार पीआरपी को उसके निवास स्थान से दूर पदस्थ किया जाना चाहिए, लेकिन आरोपी कर्मचारी को उसके ही क्षेत्र में तैनात किया गया। इस मामले में जिला स्तर के अधिकारियों पर नियमों की अनदेखी करने के आरोप लगे हैं।
जनपद पंचायत ने जारी किया रिकवरी नोटिस
जनपद पंचायत अंबिकापुर के परियोजना प्रबंधक ने पीआरपी जसवंती एक्का को रिकवरी नोटिस जारी किया है। नोटिस में 10 दिनों के भीतर चार किस्तों में पूरी राशि वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि तय समय में रकम जमा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की नए सिरे से जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
Also Read: धान खरीदी में धमतरी का दबदबा: छत्तीसगढ़ में पहला स्थान, किसानों को मिला समय पर भुगतान



