
छत्तीसगढ़ के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लाखों मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ के तहत अब श्रमिकों को 60 साल की उम्र के बाद नियमित पेंशन दी जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेजा, कुली, रिक्शा चालक और घरेलू नौकरों जैसे मेहनतकश लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र श्रमिकों को 15 मार्च तक अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
₹3000 की मासिक पेंशन का गणित
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी निवेश प्रक्रिया है। अगर कोई श्रमिक 18 साल की उम्र में इस योजना से जुड़ता है, तो उसे 60 साल की आयु तक हर महीने मात्र 55 रुपये जमा करने होंगे। इस तरह वह कुल 27,720 रुपये का निवेश करेगा। 60 साल पूरे होते ही उसे सालाना 36,000 रुपये (3000 रुपये महीना) की पेंशन मिलने लगेगी। यानी श्रमिक द्वारा पूरी जिंदगी में जमा की गई राशि उसे पेंशन के पहले ही साल में वापस मिल जाएगी।
कौन हो सकता है योजना में शामिल
योजना का लाभ लेने के लिए उम्र और आय की कुछ शर्तें तय की गई हैं। 18 से 40 वर्ष की आयु का कोई भी व्यक्ति, जिसकी मासिक आय 15,000 रुपये से कम है, इसमें आवेदन कर सकता है। इसके अलावा लघु व्यापारियों और स्वरोजगार करने वाले लोग, जिनका सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से कम है और जो आयकर के दायरे में नहीं आते, वे भी इस पेंशन योजना के हकदार होंगे। यह छोटे दुकानदारों और कारीगरों के भविष्य को सुरक्षित करने की एक ठोस पहल है।
इन पेशों से जुड़े लोग उठा सकते हैं लाभ
योजना का दायरा काफी बड़ा रखा गया है ताकि समाज का हर निचला तबका इससे जुड़ सके। घर में काम करने वाली बाई, धोबी, मोची, दर्जी, रिक्शा और ऑटो चालक, फेरीवाले, बिजली मिस्त्री, बढ़ई और सफाई कर्मचारी इसके पात्र हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, आशा कार्यकर्ता, मनरेगा मजदूर और स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं भी अपना पंजीयन करा सकती हैं। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड भी इस श्रेणी में शामिल किए गए हैं।
पंजीयन के लिए यहां करना होगा संपर्क
श्रमिकों की सुविधा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को बहुत सरल रखा गया है। पात्र व्यक्ति अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र (CSC) या चॉइस सेंटर पर जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के समय जरूरी दस्तावेज साथ ले जाना आवश्यक है ताकि प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके। श्रम विभाग के अधिकारियों ने अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना 15 मार्च से पहले अपना पंजीयन करा लें ताकि बुढ़ापे में आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
भविष्य की सुरक्षा की गारंटी
Labour Pension Scheme: असंगठित क्षेत्र के कामगारों के पास अक्सर रिटायरमेंट के बाद आय का कोई जरिया नहीं होता। यह योजना उनके स्वाभिमान को बनाए रखने में मदद करेगी। सरकार की इस पहल से न केवल श्रमिकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उन्हें अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना होगा। समय पर किया गया छोटा सा निवेश आने वाले कल में एक बड़ी पूंजी बनकर सामने आएगा, जो इलाज और खान-पान जैसी जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा।
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