
CG Legislative Assembly Budget session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही सोमवार को एक बार फिर शुरू हो रही है। अवकाश के बाद सदन का यह छठा दिन काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ सदन की शुरुआत होगी जिसमें खाद्य और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा होनी है। विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए तीखे सवालों की झड़ी तैयार कर ली है तो वहीं सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने भी अपने बचाव के लिए पूरी तैयारी कर ली है। सियासी गलियारों में आज की कार्यवाही को लेकर पारा चढ़ा हुआ है।
अफीम की खेती पर सदन में कांग्रेस करेगी जमकर हंगामा
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे ज्यादा हंगामा दुर्ग जिले के समोदा में सामने आए अफीम कांड पर होने की उम्मीद है। कांग्रेस इस मामले को लेकर बेहद आक्रामक है और सूत्रों के मुताबिक पार्टी सदन में ‘काम रोको प्रस्ताव’ (स्थगन) ला सकती है। चूंकि इस अवैध खेती का मुख्य आरोपी भाजपा का एक पदाधिकारी है इसलिए विपक्ष इसे ‘सत्ता के संरक्षण में नशा कारोबार’ बताकर घेरेगा। विपक्षी दल इस मुद्दे पर सामान्य चर्चा को रोककर विस्तृत बहस की मांग पर अड़ सकता है।
धान खरीदी और बारदाना संकट पर मंत्री दयालदास बघेल का इम्तिहान
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल को आज सदन में धान खरीदी से जुड़े कड़े सवालों का सामना करना होगा। विधायक लखेश्वर बघेल ने धान खरीदी के आंकड़ों पर सवाल उठाया है तो वहीं वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने किसानों के पंजीयन, खरीद का लक्ष्य और बारदाना खरीदी की दरों को लेकर मंत्री से करेंगे सवाल। इसके अलावा प्रदेश में राशन वितरण की व्यवस्था में आ रही दिक्कतों पर विधायक ललित चंद्राकर सवाल पूछेंगे जिससे खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बहस छिड़ना तय है।
महिला कोष और पेंशन के मुद्दे पर लक्ष्मी राजवाड़े से होंगे सवाल
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के लिए भी आज का दिन चुनौती भरा रहने वाला है। विधायक अजय चंद्राकर छत्तीसगढ़ महिला कोष और ऋण योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर जवाब मांगेंगे। वहीं विधायक भावना बोहरा ने समाज कल्याण विभाग से जुड़े विधवा, वृद्धजन पेंशन और दिव्यांग पेंशन के भुगतान का मुद्दा उठाया है। सरकार से पूछा जाएगा कि प्रदेश में पात्र लाभार्थियों को समय पर पेंशन क्यों नहीं मिल रही है और ऋण योजनाओं का लाभ महिलाओं तक कितना पहुँच रहा है।
सियासी तनातनी के बीच जनता के मुद्दों पर नजर
आज का सत्र केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा होनी है। खाद्य, महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग राज्य की जनता से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। विपक्ष इन विभागों के बजट और खर्चों को लेकर सरकार की घेराबंदी करेगा। विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है क्योंकि दोनों ही पक्षों के तेवर कड़े नजर आ रहे हैं।
क्या आज थमेगा अफीम कांड का शोर
विधानसभा में अफीम कांड की गूँज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले ही कह चुके हैं कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि भाजपा से जुड़े नेताओं और पूरी व्यवस्था का है। सरकार की कोशिश होगी कि वह इस मामले को व्यक्तिगत अपराध बताकर अपना पल्ला झाड़ ले या विपक्ष के कार्यकाल के कई मुद्दे गिनवा दे लेकिन विपक्ष इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश में है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार होती है या सदन में भारी शोर-शराबे के बीच कार्यवाही बाधित होती है।
Also Read: अफीम की खेती का मामले में नारकोटिक्स ब्यूरो की एंट्री, भूपेश बघेल भी पहुंचे भाजपा नेता के खेत



