
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का नौवां दिन बेहद हंगामेदार रहने वाला है। आज सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने सरकार को चौतरफा घेरने के लिए तरकश में कई तीर सजा रखे हैं। गृह मंत्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब आज विधायकों के तीखे सवालों के घेरे में होंगे। चर्चा के केंद्र में कोरोना काल के दौरान हुई दवा खरीदी में कथित भ्रष्टाचार, प्रधानमंत्री आवास योजना की कछुआ चाल और धमतरी जिले में बढ़ते अपराध जैसे गंभीर मुद्दे रहने वाले हैं।
कोरोना काल की दवा खरीदी में ‘खेल’: बालेश्वर साहू ने मांगी जांच रिपोर्ट
सदन में आज सबसे बड़ा मुद्दा कोविड-19 के दौरान हुए उपकरणों और दवाइयों की खरीदी में गड़बड़ी का रहने वाला है। विधायक बालेश्वर साहू ने स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किया है कि सितंबर 2022 में सौंपी गई जांच रिपोर्ट पर अब तक क्या एक्शन लिया गया। सवाल यह भी उठा है कि क्या तत्कालीन अतिरिक्त संचालक को वित्तीय अनियमितता के आरोप में सस्पेंड करने के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। विपक्ष इस पर जवाब चाहता है कि सिविल सेवा नियमों के तहत दोषियों पर अंतिम कार्यवाही कब तक पूरी होगी।
पीएम आवास की अधूरी किस्तें: क्यों नहीं मिल रहा गरीबों को अपना घर?
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों की लेटलतीफी पर भी आज तीखी बहस होने के आसार हैं। विधायक इंद्र साव ने उपमुख्यमंत्री से पूछा है कि किस्तें समय पर न मिलने के कारण आखिर लाखों मकान अधूरे क्यों पड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पीएम आवास, जनमन योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में करीब 7 लाख से ज्यादा मकान अटके हुए हैं। विपक्ष का आरोप है कि हितग्राहियों को सही समय पर पैसे नहीं मिलने से निर्माण कार्य ठप पड़ा है, जिस पर सरकार को समय-सीमा बतानी होगी।
धमतरी में अपराध का ग्राफ: अंबिका मरकाम ने मांगा लूट और हत्या का ब्यौरा
गृह मंत्री विजय शर्मा को आज धमतरी जिले की कानून-व्यवस्था पर जवाब देना होगा। विधायक अंबिका मरकाम ने साल 2023 से अब तक हुए लूट, हत्या, गैंगरेप और ड्रग्स तस्करी के मामलों का थानावार ब्यौरा मांगा है। विपक्ष का सवाल है कि इनमें से कितने अपराधी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और नशे के कारोबार को रोकने के लिए विभाग ने कौन से ‘ठोस कदम’ उठाए हैं। प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर सदन में भारी शोर-शराबे की संभावना है।
कौशल विकास केंद्रों की हकीकत: अजय चंद्राकर पूछेंगे प्रशिक्षित युवाओं का आंकड़ा
वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर आज कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना की बारीकियां पूछेंगे। उन्होंने सवाल लगाया है कि जनवरी 2026 की स्थिति में छत्तीसगढ़ में स्किल्ड (कुशल) और अनस्किल्ड (अकुशल) युवाओं का प्रतिशत कितना है। इसके साथ ही प्रशिक्षण केंद्रों को किए गए करोड़ों के भुगतान और लंबित बकाया राशि पर भी सवाल उठेंगे। चंद्राकर यह भी जानना चाहते हैं कि इन केंद्रों की निगरानी कौन सी एजेंसी कर रही है और अब तक कितने युवाओं को वास्तव में रोजगार मिला है।
पुलिस आरक्षक भर्ती में ‘अनियमितता’ का मुद्दा: लालजीत सिंह राठिया ने मांगी जानकारी
विधायक लालजीत सिंह राठिया आज गृह मंत्री विजय शर्मा से पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर कड़े सवाल पूछेंगे। उन्होंने पूछा है कि 4 अक्टूबर 2023 को जारी विज्ञापन के तहत कितने पदों पर भर्ती होनी थी और क्या इस प्रक्रिया में धांधली की कोई शिकायत मिली है। राठिया यह भी जानना चाहते हैं कि क्या किसी कमेटी ने इसकी जांच की है और यदि अनियमितता की पुष्टि हुई है, तो क्या इस भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने पर विचार किया जा रहा है। इस मुद्दे पर युवाओं के भविष्य से जुड़ी चिंताओं को लेकर सदन में भारी शोर-शराबे की संभावना है।
जीरम-कांदानार सड़क निर्माण: किरण देव ने टेंडर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
बस्तर अंचल की महत्वपूर्ण सड़क जीरम व्हाया एलेंगनार-उरकापाल कांदानार के निर्माण को लेकर किरण देव ने उपमुख्यमंत्री से जानकारी मांगी है। सवाल यह है कि इस सड़क को दो भागों में क्यों बांटा गया और इसके लिए किस कंपनी को कार्यदेश दिया गया है। विधायक का आरोप है कि डीपीआर में आवश्यक प्रस्ताव सम्मिलित न होने के कारण लागत में बढ़ोतरी हुई है। वे इस सड़क निर्माण के पूर्ण होने की निर्धारित तिथि और वर्तमान प्रगति रिपोर्ट पर सरकार का रुख जानना चाहते हैं।
सदन में भारी हंगामे के आसार: विपक्ष की घेराबंदी तेज
प्रश्नकाल के दौरान जिस तरह के सवाल सूचीबद्ध हैं, उससे साफ है कि विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा। चाहे वह सड़क निर्माण में देरी हो या फिर कोरोना काल की फाइलों को दबाने का आरोप, सदन में आज तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। मंत्रियों के लिए आज की कार्यवाही किसी ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं होगी, क्योंकि सत्ता पक्ष के कुछ विधायक भी अपने क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर मुखर नजर आ रहे हैं।



