छत्तीसगढ़ में रसोई गैस की हाहाकार: एजेंसियों पर लगीं लंबी कतारें, रायपुर-बिलासपुर में 450 सिलेंडर जब्त

छत्तीसगढ़ के रसोई घरों में इन दिनों चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई चेन बिगड़ने का सीधा असर अब प्रदेश के आम नागरिकों की जेब और रसोई पर पड़ रहा है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण छत्तीसगढ़ में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की भारी किल्लत हो गई है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 5 बजे से ही लोग सिलेंडर के लिए कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। संकट इतना गहरा है कि ऑनलाइन बुकिंग और मिस्ड कॉल सेवा फिलहाल ठप पड़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय तनाव की आंच अब छत्तीसगढ़ की रसोई तक

मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के हालातों ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को चुनौती दे दी है। छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, सरगुजा और रायगढ़ जिलों में गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आलम यह है कि बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में 10 से 12 दिनों का वक्त लग रहा है। कई जगहों पर सर्वर डाउन होने का हवाला देकर बुकिंग ही नहीं ली जा रही है, जिससे आम जनता के बीच अफरा-तफरी का माहौल है।

प्रशासन का एक्शन: कालाबाजारी रोकने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी

गैस संकट का फायदा उठाकर कुछ लोग मुनाफाखोरी और कालाबाजारी में जुट गए हैं। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर 350 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए हैं। जांच में पता चला कि कई होटल और कमर्शियल सेंटरों में घरेलू सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल किया जा रहा था। धरसींवा के एक होटल और नवापारा के एक गोदाम से बड़ी संख्या में भरे हुए सिलेंडर बरामद किए गए हैं, जिन्हें बिना रिकॉर्ड के छिपाकर रखा गया था।

गैस एजेंसियों के स्टॉक में मिली भारी हेराफेरी

खाद्य विभाग की टीम जब कोरासी स्थित इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम पहुंची, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। कागजों पर दिखाए गए स्टॉक और मौके पर मौजूद सिलेंडरों की संख्या में जमीन-आसमान का अंतर मिला। 14.2 किलो वाले करीब 165 सिलेंडर और कमर्शियल श्रेणी के 23 सिलेंडर स्टॉक से गायब पाए गए। इस बड़ी लापरवाही और अनियमितता के चलते प्रशासन ने गोदाम में मौजूद सभी 355 सिलेंडरों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया है।

बिलासपुर में स्कूल के बगल में मिला ‘खतरनाक’ जखीरा

बिलासपुर के कोनी और सिरगिट्टी इलाकों में भी जमाखोरी का बड़ा खेल पकड़ा गया है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने यहां से 126 सिलेंडर बरामद किए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि सिरगिट्टी में एक बंद दुकान के भीतर सिलेंडरों को स्टोर किया गया था, जिसके ठीक पीछे एक प्राथमिक स्कूल संचालित है। गैस रिफिलिंग के औजार भी मौके से मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर यहां कोई हादसा होता, तो मासूम बच्चों की जान पर बन आती। फिलहाल दुकान को सील कर संचालक को सख्त नोटिस थमाया गया है।

सिलेंडर नहीं मिला तो इंडक्शन और बिजली के चूल्हों की बढ़ी मांग

गैस की किल्लत ने लोगों को वैकल्पिक रास्तों पर चलने को मजबूर कर दिया है। रायपुर के मालवीय रोड और बिलासपुर के इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में इंडक्शन चूल्हों की मांग में 20 फीसदी तक का उछाल आया है। लोग 2000 से 4500 रुपये तक की कीमत वाले इंडक्शन और बिजली से चलने वाले बर्तनों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से गैस संकट के चलते स्टॉक खत्म होने की नौबत आ गई है।

कब तक सामान्य होंगे हालात?

फिलहाल गैस कंपनियों और प्रशासन की ओर से सप्लाई सामान्य होने को लेकर कोई ठोस तारीख नहीं दी गई है। सप्लाई चेन में आए इस अवरोध ने मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि जमाखोरों पर नकेल कसकर उपलब्ध स्टॉक को जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और सप्लाई स्थिर नहीं होती, तब तक छत्तीसगढ़ के लोगों को इसी तरह की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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