
छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बलरामपुर जिलों में अफीम की अवैध खेती के बड़े खुलासे ने पूरे प्रदेश को सन्न कर दिया है। शासन की सख्ती के बाद अब न्यायधानी बिलासपुर में भी प्रशासन ने ‘सर्च ऑपरेशन’ तेज कर दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर बिलासपुर पुलिस की टीमें अब गांव-गांव जाकर खेतों और बाड़ियों की खाक छान रही हैं। पुलिस जवान यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि अनाज की आड़ में कहीं नशे का जहर तो नहीं बोया जा रहा। इस अभियान से उन शातिर लोगों में हड़कंप है जो घनी फसलों के बीच अवैध काम को अंजाम देते हैं।
दुर्ग और बलरामपुर में खुला था ‘नशे का खेल’
प्रदेश में नशे की खेती के खिलाफ इस बड़े एक्शन की शुरुआत दुर्ग के खजूरी गांव और बलरामपुर से हुई। दुर्ग में जहां भुट्टे की फसल के बीच डेढ़ एकड़ में अफीम लहलहा रही थी, वहीं बलरामपुर में ढाई एकड़ जमीन पर इसकी अवैध खेती पकड़ी गई। इन मामलों के सामने आने के बाद राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को अलर्ट कर दिया है। इसी कड़ी में बिलासपुर पुलिस अब सक्रिय मोड पर है और जिले के हर उस संदिग्ध कोने की जांच कर रही है जहां खेती की आड़ में अफीम उगाने की संभावना हो सकती है।
सीपत पुलिस का सर्च ऑपरेशन: बाड़ियों में दी दबिश
बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता सबसे अधिक देखी जा रही है। थाना प्रभारी राजेश मिश्रा के नेतृत्व में जवानों ने मटियारी, मोहरा, बरेली और आसपास के दर्जनों गांवों का सघन दौरा किया। पुलिस की टीम केवल मुख्य रास्तों पर नहीं, बल्कि खेतों के बीचों-बीच और फार्म हाउसों के अंदर जाकर फसलों की पड़ताल कर रही है। सब्जी बाड़ी से लेकर धान, गन्ना और केले के बागानों तक में बारीकी से जांच की गई ताकि किसी भी स्तर पर अवैध गतिविधियों की गुंजाइश न रहे।
भुट्टे और गन्ने की आड़ में छिपा खतरा
अफीम की खेती करने वाले शातिर अक्सर ऐसी फसलों का चुनाव करते हैं जिनकी ऊंचाई अधिक होती है। दुर्ग में भी भुट्टे की फसल के बीच अफीम उगाई जा रही थी ताकि बाहर से किसी को भनक न लगे। इसी पैटर्न को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर पुलिस अब भुट्टा, गन्ना और दलहन-तिलहन की ऊंची फसलों के अंदर घुसकर मुआयना कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि सतर्कता ही एकमात्र रास्ता है जिससे ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों को पनपने से पहले ही कुचला जा सकता है।
“नशे के सौदागरों को नहीं बख्शेंगे”: एसएसपी
एसएसपी रजनेश सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है कि बिलासपुर में नशे का कारोबार करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि अफीम उगाना, बेचना या किसी भी प्रकार के अवैध नशे से जुड़े काम करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है। एसएसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जिले में कहीं भी अफीम की खेती पाई गई, तो संबंधित जमीन मालिक और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो एक मिसाल बनेगी।
राजस्व अमला भी अलर्ट: पटवारी से सचिव तक को निर्देश
यह ऑपरेशन केवल पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्व विभाग को भी इसमें झोंक दिया गया है। तहसीलदार, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और सरपंचों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में संदिग्ध फसलों की पहचान करें। गांव के जनप्रतिनिधियों को हिदायत दी गई है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा जमीन किराए पर लेकर संदिग्ध काम किए जाने की सूचना तत्काल पुलिस को दें। फिलहाल जिले में कहीं भी अवैध खेती का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन निगरानी 24 घंटे जारी है।
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