
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की सरगर्मी आज अपने 13वें दिन में प्रवेश कर गई है। आज सदन की कार्यवाही के दौरान शिक्षा, उद्योग और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर चर्चा होनी है। विशेष रूप से बालोद में आयोजित जंबूरी में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और स्कूलों के ‘युक्तियुक्तकरण’ (Rationalization) के नाम पर शालाओं को बंद करने या विलय करने का मुद्दा सदन के तापमान को बढ़ा सकता है। विपक्ष ने सरकार को इन संवेदनशील विषयों पर घेरने के लिए तीखे सवालों की लिस्ट तैयार कर ली है, जिससे आज विधानसभा में जोरदार हंगामे के आसार हैं।
जंबूरी में ‘धांधली’ और पेड़ों की कटाई पर सरकार से जवाब-तलब
आज प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और उपमुख्यमंत्री अरुण साव को विधायकों की तीखी पूछताछ का सामना करना पड़ेगा। भाजपा विधायक विक्रम उसेंडी वन मंडल भानुप्रतापपुर में बड़े पैमाने पर हो रही पेड़ों की अवैध कटाई और हैवी माइल्स गाड़ियों के संचालन से होने वाले नुकसान का मुद्दा ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे। इसके अलावा, तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में फैली कथित अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं को लेकर भी सदन में प्रस्ताव लाया जाएगा, जिस पर विभाग को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
4 संशोधन विधेयक होंगे पारित, जनहित की याचिकाओं पर नजर
सदन की विधायी कार्यवाही के दौरान आज चार महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों को चर्चा के बाद पारित किया जाना है। साथ ही, विधायक रिकेश सेन, सुशांत शुक्ला, मोतीलाल साहू और इंद्रशाह मांडवी जनहित से जुड़ी अपनी-अपनी याचिकाएं सदन के पटल पर रखेंगे। इन याचिकाओं में स्थानीय विकास, सड़क सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे शामिल हैं। विपक्ष का इरादा है कि सरकार केवल विधेयकों को पास कराने तक सीमित न रहे, बल्कि जंबूरी आयोजन में हुए करोड़ों के खर्च का पाई-पाई का हिसाब भी सदन को दे।



