
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लेकर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के 59 पंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। दरअसल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के दिशा-निर्देशों का पालन न करने और पोर्टल पर जरूरी दस्तावेज अपडेट न करने की वजह से इन अस्पतालों पर गाज गिरी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बार-बार चेतावनी और रिमाइंडर भेजने के बावजूद इन अस्पतालों ने व्यवस्था में सुधार नहीं किया, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
33 अस्पताल सस्पेंड: आवेदन न करने पर हुई कार्रवाई
राज्य नोडल एजेंसी ने उन अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है जिन्होंने HEM 2.0 पोर्टल पर अपनी जानकारी साझा करने में रुचि नहीं दिखाई। इस श्रेणी में कुल 33 अस्पताल शामिल हैं, जिन्हें दो अलग-अलग आधार पर सस्पेंड किया गया है।
- न्यू आयुष्मान हॉस्पिटल, बेमेतरा
- ए पी सर्जिकल सेंटर, दुर्ग
- आईएमआई अस्पताल, दुर्ग
- ओम् हॉस्पिटल, दुर्ग
- साईं कृपा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दुर्ग
- गंगोत्री अस्पताल, दुर्ग
- सोमेश्वर अस्पताल, गरियाबंद
- सेवा भवन अस्पताल, महासमुंद
- जौहरी अस्पताल, रायपुर
- महादेव अस्पताल, रायपुर
- न्यू रायपुरा अस्पताल, रायपुर
- शिवम अस्पताल, रायपुर
- सौभाग्य अस्पताल, रायपुर
- जैन अस्पताल, रायपुर
- लक्ष्मी हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी होम, रायपुर
- सिद्धि विनायक अस्पताल, रायपुर
- वरदान हॉस्पिटल, रायपुर
- वासुदेव मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
- श्री राम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
- माँ शारदा नर्सिंग होम, रायपुर
- ओम नेत्र केंद्र एवं लेजर विजन, रायपुर
विभागीय सवालों का जवाब न देने वाले 12 अस्पताल:
- पिनाकी सोभा हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी केयर, जीपीएम
- एमडी मोदी मेमोरियल हॉस्पिटल, जांजगीर-चांपा
- नेताम अस्पताल एवं बांझपन केंद्र, कोंडागांव
- श्री उत्तम साई केयर हॉस्पिटल, महासमुंद
- श्री दानी केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
- श्री कृष्णा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
- श्री महावीर अस्पताल, रायपुर
- श्री साईं राम अस्पताल, रायपुर
- काल्दा नर्सिंग होम, रायपुर
- कान्हा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
- प्रज्ञा अस्पताल, रायपुर
- लाइफ केयर हॉस्पिटल, रायपुर
26 अस्पतालों का पेमेंट और प्री-ऑथ रोका गया
जिन अस्पतालों के आवेदन अधूरे पाए गए और बार-बार कहने पर भी ठीक नहीं किए गए, विभाग ने उनके खिलाफ आर्थिक पाबंदी लगा दी है। इन 26 अस्पतालों का भुगतान और प्री-ऑथ (Pre-Authorization) रोक दिया गया है, जिसका मतलब है कि ये अब योजना के तहत नए मरीजों का पंजीकरण तब तक नहीं कर पाएंगे जब तक कमियां दूर नहीं होतीं।
इन प्रमुख अस्पतालों पर लगी रोक:
- शकुंतला अस्पताल, बालोद
- सुविधा हॉस्पिटल, दुर्ग
- रूप जीवन हॉस्पिटल, कबीरधाम
- श्री राधे कृष्णा केयर हॉस्पिटल, महासमुंद
- पांडे नर्सिंग होम, रायपुर
- दृष्टि नेत्रालय, रायपुर
- वैदेही अस्पताल, रायपुर
- अनंत अस्पताल, रायपुर
- श्री साई केयर हॉस्पिटल, रायपुर
- अनुष्का अस्पताल, रायपुर
- ममता अस्पताल, रायपुर
- लालमती मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
- कर्मा अस्पताल, रायपुर
- श्री राम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
- रायपुर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, रायपुर
- श्रीमां सारदा आरोग्यधाम अस्पताल, रायपुर
- रूपजीवन अस्पताल, रायपुर
- श्री दानी केयर हॉस्पिटल, रायपुर
- जीवन अनमोल अस्पताल,
- रायपुर सद्भावना अस्पताल, रायपुर
- एकता इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ, रायपुर
- चंद्राणी सरदारीलाल नेत्र एवं ईएनटी अस्पताल, रायपुर
- रावतपुरा सरकार अस्पताल, रायपुर
- आस्था मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर
- छत्तीसगढ़ नेत्र चिकित्सालय, रायपुर
- शाश्वत अस्पताल, रायपुर
पारदर्शिता और बेहतर इलाज के लिए कड़ी निगरानी
स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि आयुष्मान योजना का उद्देश्य गरीब मरीजों को बेहतर और मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना है। कई अस्पताल पोर्टल पर जानकारी छिपाकर या पुराने दस्तावेजों के आधार पर काम कर रहे थे, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी आ रही थी। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई इसलिए जरूरी थी ताकि केवल वही अस्पताल योजना का हिस्सा रहें जो मानकों का पूरी तरह पालन करते हैं। अब बाकी बचे अस्पतालों को भी सख्त चेतावनी दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपने दस्तावेज पोर्टल पर अपडेट करें ताकि भविष्य में किसी भी तरह की बाधा न आए।



